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बिना राइट हैंड के पैदा हुई काजल ने पहले IIT क्रैक किया फिर UPSC में लाईं रैंक 167, इनकी सक्सेस स्टोरी सम्मोहित करने वाली

केरल के कासरगोड जिले की रहने वाली काजल राजू ने कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 167 हासिल की। काजल की सफलता की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 09, 2026 पर 5:49 PM
बिना राइट हैंड के पैदा हुई काजल ने पहले IIT क्रैक किया फिर UPSC में लाईं रैंक 167, इनकी सक्सेस स्टोरी सम्मोहित करने वाली
काजल राजू ने जीवन की कठिन चुनौतियों को अपनी सफलता के रास्ते में कभी बाधा नहीं बनने दिया

यूपीएससी भारत के सबसे कठिन एग्जाम में से एक माना जाता है। यूपीएससी एग्जाम को क्लियर करना हर उम्मीदवार का सपना होता है। लेकिन हर किसी के लिए इसकी तैयारी एक जैसी नहीं होती है। केरल की काजल राजू की सफलता की कहानी लाखों यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा बन गई है। लगातार मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर काजल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 167 हासिल की है। इस लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया। केरल की काजल राजू ने यूपीएससी एग्जाम को अपनी मंजिल नहीं बल्कि एक नई शुरुआत की तरह लिया।

केरल के कासरगोड जिले के नीलेश्वर की रहने वाली काजल राजू ने जीवन की कठिन चुनौतियों को अपनी सफलता के रास्ते में कभी बाधा नहीं बनने दिया। जन्म से ही उन्हें फोकोमेलिया सिंड्रोम नाम की एक दुर्लभ जन्मजात बीमारी थी, जिसकी वजह से उनका दाहिना हाथ पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और लक्ष्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।

IIT से ली हायर डिग्री

काजल राजू ने अपनी हायर एजुकेशन के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास से डेवलपमेंट स्टडीज में इंटीग्रेटेड मास्टर डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि सिविल सेवा की ओर बढ़ने लगी। समाज में पॉजिटीव बदलाव लाने और लोगों की सेवा करने की इच्छा ने उन्हें प्रशासनिक क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की और इसको हासिल करने के लिए पूरी मेहनत से जुट गईं।

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