भारत में मानसूनी बारिश शुरू होते ही हर गाड़ी चलाने वालों को एक कॉमन समस्या से निपटना होता है। जैसे ही आप बारिश में कार के भीतर बैठते हैं विंडशील्ड और खिड़कियों पर फॉग (धुंध) जम जाती है, साइड मिरर धुंधले हो जाते हैं और एसी चलने के बावजूद केबिन के अंदर का हिस्सा बेहद उमस भरा और गीला महसूस होने लगता है। ज्यादातर लोग इस स्थिति में अनजाने में एक बड़ी गलती कर बैठते हैं। वे तुरंत कार के एसी का फुल कोल्ड मोड ऑन कर देते हैं और फॉग साफ होने का इंतजार करते हैं।
यह तरीका स्थिति को सुधारने के बजाय पहले और ज्यादा बिगाड़ देता है। विंडशील्ड को साफ करने का सबसे तेज और सटीक तरीका कुछ ऐसा है जो सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह सिर्फ 30 सेकंड में काम करता। वो तरीका है कार का हीटर चालू करना।
मानसूनी बारिश में क्यों जमता है कार के शीशों पर फॉग?
विंडशील्ड और शीशों के अंदर की तरफ दिखने वाली यह धुंध दरअसल कंडेनसेशन की वजह से होती है। जब कार के केबिन के अंदर की गर्म और नमी वाली मानसूनी हवा बाहर की बारिश के कारण ठंडे हो चुके कांच की सतह से टकराती है तो वह शीशे पर नमी की एक पतली परत जमा देती है। आपके गीले कपड़े, कार के गीले फ्लोर मैट और कीचड़-पानी से सने जूते कार के भीतर की नमी को और ज्यादा बढ़ा देते हैं। कार में जितने ज्यादा लोग बैठेंगे, यह नमी उतनी ही तेजी से बढ़ती है। इस स्थिति में केवल एसी को रीसर्क्युलेशन मोड पर चलाने से फायदा नहीं होता, क्योंकि ऐसा करने से सिस्टम कार के अंदर की उसी नमी वाली हवा को बार-बार घुमाता रहता है और पानी की बूंदें बाहर नहीं निकल पातीं।
फॉग हटाने में कार का हीटर कैसे करता है काम?
जब आप कार का हीटर ऑन करते हैं और हवा के फ्लो को विंडशील्ड की तरफ डाइवर्ट करते हैं तो गर्म और सूखी हवा कांच की सतह से टकराती है। इससे शीशे का तापमान बढ़ जाता है और कांच व केबिन के बीच का तापमान का अंतर खत्म हो जाता है। जब तापमान का यह अंतर ही नहीं रहेगा तो कंडेनसेशन की प्रक्रिया रुक जाएगी और फॉग तुरंत गायब हो जाएगा।
इसके लिए सबसे प्रभावी तरीका यह है कि एसी और हीटर दोनों को एक साथ चलाया जाए। इसमें ब्लोअर/फैन का रुख विंडशील्ड की तरफ होना चाहिए और कार का एयर वेंटिलेशन सिस्टम रीसर्क्युलेशन मोड के बजाय फ्रेश एयर मोड पर सेट होना चाहिए। इस दौरान एसी बाहर से आने वाली हवा की नमी को सोख लेता है और हीटर उस सूखी हवा को गर्म कर देता है। ऐसे में विंडशील्ड पर सूखी और गर्म हवा की एक बौछार पड़ती है जो एक मिनट से भी कम समय में शीशे को चमका देती है।
स्टेप-बाय-स्टेप समझें यह 30-सेकंड का ट्रिक
जब भी आप बारिश के मौसम में कार के अंदर बैठें तो विंडशील्ड को तुरंत साफ करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: कार में बैठते ही शुरुआती 30 से 60 सेकंड के लिए कार की खिड़कियों को थोड़ा सा खोल दें, ताकि कार के भीतर फंसी हुई अत्यधिक उमस भरी हवा बाहर निकल सके।
स्टेप 2: इसके बाद खिड़कियां पूरी तरह बंद कर दें और क्लाइमेट कंट्रोल को फ्रेश एयर मोड पर स्विच करें।
स्टेप 3: अब कार का एसी ऑन करें और तापमान को हल्के गर्म स्तर पर सेट कर दें।
स्टेप 4: हवा के वेंट्स का रुख सीधे विंडशील्ड की तरफ मोड़ दें। अगर आपकी कार में एक Defog या Defrost बटन दिया गया है तो उसे दबाते ही ये सभी सेटिंग्स ऑटोमैटिकली कॉन्फ़िगर हो जाती हैं।
इस तरीके से आपकी विंडशील्ड और साइड मिरर केवल ठंडी एसी हवा के मुकाबले बहुत ज्यादा तेजी से साफ हो जाएंगे।
भूलकर भी न करें यह एक गलती
कार को डिफॉग करते समय हीटर के साथ रीसर्क्युलेशन मोड को एक्टिव रखना सबसे बड़ी गलती है। ठंडी हवा के मुकाबले गर्म हवा में नमी रोकने की क्षमता अधिक होती है। ऐसे में अगर आप अंदर की ही हवा को हीटर के साथ लूप में घुमाएंगे तो केबिन के अंदर ह्यूमिडिटी का स्तर और बढ़ जाएगा। नतीजा ये होगा कि शीशों पर पहले से भी ज्यादा धुंध जमने लगेगी।
इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए फ्रेश एयर मोड का होना सबसे जरूरी है। यह मोड बाहर की हवा को अंदर लाता है। इसे एसी का इवेपोरेटर सुखाता है और फिर हीटर उसे गर्म करके विंडशील्ड तक पहुंचाता है। बारिश के दिनों में ड्राइविंग शुरू करने से पहले इस 30 सेकंड की आदत को अपनाने से आपको न सिर्फ बिल्कुल साफ विजिबिलिटी मिलेगी बल्कि पूरी यात्रा के दौरान आपकी कार का केबिन चिपचिपा या सीलन भरा महसूस नहीं होगा।