12वीं के वेदांत के आरोपों पर CBSE का बड़ा जवाब, फिजिक्स में 9 अंक बढ़ने का बताया पूरा कारण

यह मामला तब सामने आया जब छात्र वेदांत ने आरोप लगाया कि CBSE वेरिफिकेशन के दौरान उन्हें किसी और छात्र की फिजिक्स उत्तर पुस्तिका दिखाई गई, जिससे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे और यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया

अपडेटेड Jun 29, 2026 पर 1:34 PM
कई छात्रों ने धुंधली कॉपियों, गायब पेज और गलत मिलान जैसी समस्याएं बताईं।

ये मामला तब सामने आया जब छात्र वेदांत ने आरोप लगाया कि Central Board of Secondary Education (CBSE) की वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान उन्हें उनकी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका के बजाय किसी अन्य छात्र की कॉपी दिखाई गई। इस दावे के बाद परीक्षा प्रणाली और विशेष रूप से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे। वेदांत का कहना था कि जब उन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिका देखी, तो उसमें दी गई हैंडराइटिंग और उत्तर उनके अपने नहीं थे, जिससे पूरे मूल्यांकन पर संदेह पैदा हुआ। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया और छात्रों ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

बाद में बोर्ड की ओर से प्रक्रिया की समीक्षा और सुधार की बात सामने आई। यह घटना डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में संभावित तकनीकी या प्रक्रियागत खामियों को उजागर करती है, जिस पर अब व्यापक बहस चल रही है।

बोर्ड ने मानी गलती, फिर बदली कॉपी


मामला बढ़ने पर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। इसके बाद CBSE ने माना कि पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया में गलती से उत्तर पुस्तिकाएं बदल गई थीं। बोर्ड ने सुधार करते हुए वेदांत को उनकी असली फिजिक्स आंसर शीट उपलब्ध कराई।

नंबरों में हुआ बदलाव, लेकिन उम्मीद अधूरी

सही कॉपी मिलने के बाद वेदांत के फिजिक्स में 65 से 74 अंक कर दिए गए। लेकिन उनका मानना था कि कुछ और जवाबों में भी अंक बढ़ने चाहिए थे। उन्होंने फिर से रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया, लेकिन इस बार कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिले।

सोशल मीडिया पर वेदांत की सफाई

वेदांत ने X पर साफ किया कि जो अतिरिक्त अंक मिले, वे कॉपी बदलने के कारण नहीं थे। उनके अनुसार मैथ्स में 1 अंक और कंप्यूटर साइंस में 1 अंक बढ़ा, जबकि फिजिक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ।

CBSE की डिजिटल प्रणाली पर सवाल

यह घटना CBSE की डिजिटल एग्जामिनेशन और OSM सिस्टम को लेकर सबसे चर्चित मामलों में से एक बन गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल लगभग 1.6 लाख छात्रों ने वेरिफिकेशन और रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया, जिसमें लाखों कॉपियों की जांच हुई।

छात्रों की शिकायतें और बढ़ती चिंता

कई छात्रों ने धुंधली कॉपियों, गायब पेज और गलत मिलान जैसी समस्याएं बताईं। कुछ छात्रों के नंबर रिवैल्यूएशन के बाद काफी बढ़ भी गए। वहीं, कई अभी भी अपने अपडेटेड रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे एडमिशन प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस मामले पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी राय दी। कई यूजर्स ने कहा कि उनके साथ भी ऐसी ही समस्या हुई, जबकि कुछ ने रिवैल्यूएशन प्रक्रिया की स्पीड और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। वहीं, वेदांत ने कहा कि रिजल्ट आ जाने से उन्हें राहत जरूर मिली है।

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