चीन के झांगजियागांग (Zhangjiagang) इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1000 बिल्लियों को बचाया। बताया जा रहा है कि इन बिल्लियों को अवैध तरीके से बूचड़खाने ले जाकर मांस के रूप में बेचने की तैयारी थी। कुछ जगहों पर इसे चिकन और पोर्क जैसे दूसरे मीट के नाम पर भी बेचने की कोशिश की जा रही थी, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बिल्लियों को लकड़ी के बक्सों में बंद करके एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था।
यह पूरा नेटवर्क काफी समय से सक्रिय बताया जा रहा है। अगर यह योजना सफल हो जाती, तो आरोपी इससे बड़ी रकम का अवैध मुनाफा कमा सकते थे। इस घटना ने अवैध पशु व्यापार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
वियतनाम में 400 से ज्यादा बिल्लियों का रेस्क्यू ऑपरेशन
इसी तरह वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में पुलिस ने छापेमारी कर 400 से अधिक जिंदा बिल्लियों को बचाया। ये सभी बिल्लियाँ एक संगठित अवैध नेटवर्क का हिस्सा थीं, जहाँ उन्हें मांस के लिए रखा जाता था।
छापेमारी के दौरान कई पिंजरे मिले और कुछ बिल्लियाँ मृत अवस्था में भी पाई गईं। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा है।
संगठित तस्करी का बड़ा खेल, 9 लोग गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि यह गिरोह कई प्रांतों से बिल्लियों को चोरी या पकड़कर इकट्ठा करता था और अवैध व्यापार में बेचता था। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पालतू बिल्लियाँ भी बनीं शिकार
रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बिल्लियाँ लोगों के घरों से चोरी की गई थीं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जिनके पालतू जानवर गायब हैं, वे सामने आकर अपनी पहचान बताएं ताकि उन्हें वापस किया जा सके।
पशु अधिकार संगठनों की गंभीर चिंता
पशु संरक्षण संगठनों का कहना है कि हर साल लाखों बिल्लियाँ और कुत्ते इस तरह के अवैध व्यापार का शिकार बनते हैं। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
आखिर किन देशों में खाया जाता है बिल्ली का मांस?
बिल्ली का मांस दुनिया के बहुत कम हिस्सों में खाया जाता है और यह मुख्यधारा का भोजन नहीं माना जाता, लेकिन कुछ देशों में इसके सेवन की खबरें सामने आती रहती हैं।
वियतनाम में इसे कुछ इलाकों में “लिटिल टाइगर” कहा जाता है और अवैध रूप से इसका व्यापार भी पाया जाता है।
चीन के दक्षिणी हिस्सों में भी कभी-कभी इसका सेवन या अवैध बिक्री की घटनाएँ सामने आती हैं, जहां इसे मटन या पोर्क के नाम पर बेचा जाता है।
इंडोनेशिया के कुछ क्षेत्रों जैसे सुलावेसी और सुमात्रा में भी ऐसे मामलों की रिपोर्ट मिलती है।
क्रूरता या परंपरा? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे बेहद क्रूर और अवैध व्यापार बता रहे हैं, जबकि पशु अधिकार कार्यकर्ता इसे पूरी तरह रोकने की मांग कर रहे हैं।