Covid-19: कोरोना की वापसी, क्या फिर लगेगा लॉकडाउन, कोविड-19 की नई चाल कितनी खतरनाक?
Coronavirus Cases in India: स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 मई तक देश में 1083 एक्टिव केस हैं। एक हफ्ते पहले ये संख्या सिर्फ 257 थी। यानी एक हफ्ते में 800 से ज्यादा केस बढ़े हैं। सबसे ज़्यादा मामले केरल (430 केस) से आए हैं, इसके बाद दिल्ली में 104 केस हैं। ICMR के DG डॉ. राजीव बहल ने सोमवार को कहा कि संक्रमण को लेकर गंभीरता की स्थिति अभी तक आमतौर पर हल्की है और चिंता की कोई बात नहीं है
Covid-19: कोरोना की वापसी, क्या फिर लगेगा लॉकडाउन (FILE PHOTO)
- पिछले एक हफ्ते में 823 नए मामले सामने आए हैं और एक्टिव केस की संख्या 1000 से ऊपर पहुंच गई है। इस दौरान 10 लोगों की मौत भी कोरोना से हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 मई तक देश में 1083 एक्टिव केस हैं। एक हफ्ते पहले ये संख्या सिर्फ 257 थी। यानी एक हफ्ते में 800 से ज्यादा केस बढ़े हैं। सबसे ज़्यादा मामले केरल (430 केस) से आए हैं, इसके बाद दिल्ली में 104 केस हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं केस? नया वेरिएंट कौनसा है?
भारत में इस वक्त कोरोना के 4 नए वेरिएंट पाए गए हैं — ये सभी ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट हैं- JN.1 (सबसे ज्यादा फैलने वाला) LF.7, XFG, और NB.1.8.1। JN.1 सबसे आम है, और यह अब तक के 53% सैंपल में पाया गया है। यह वेरिएंट हवा से फैलता है और पहले Covid-10 से ठीक हो चुके लोगों को भी संक्रमित कर सकता है।
कैसे फैलता है यह वायरस?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह वेरिएंट ज्यादा संक्रामक है, लेकिन पहले की लहरों जितना खतरनाक नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, नया कोरोना वेरिएंट भी पुराने वायरस की तरह ही फैलता है:
संक्रमित व्यक्ति की छींकों या खांसी की बूंदों से
सीधे संपर्क (जैसे हाथ मिलाना या चेहरा छूना) से
सतहों को छूने से (जैसे मोबाइल या दरवाजे का हैंडल)
भीड़भाड़ वाली जगहों में हवा के जरिए
JN.1 का संक्रमण दर पुराने वायरस से 50-70% ज्यादा है। इसका RO नंबर 4 से 6 के बीच है, जो इसे ज्यादा तेजी से फैलने वाला बनाता है।
क्या वैक्सीन लेने वाले भी संक्रमित हो सकते हैं?
हां, डॉक्टरों के मुताबिक, वैक्सीनेटेड लोग भी संक्रमित हो सकते हैं, लेकिन उनके अंदर पहले से बनी इम्यूनिटी की वजह से गंभीर बीमारी होने की आशंका कम होती है। पुरानी वैक्सीन नए वेरिएंट को पूरी तरह नहीं रोकती, लेकिन उससे होने वाले नुकसान को कम जरूर करती है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना का नया वेरिएंट इन चार तरह के लोगों पर ज्यादा असर डाल रहा है:
65 साल से ऊपर के बुजुर्ग, खासकर जिन्हें बूस्टर डोज नहीं मिला
एक साल से कम उम्र के बच्चे
कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीज (जैसे कैंसर, HIV, अन्य गंभीर बीमारियां)
ज्यादा यात्रा करने वाले लोग (देश-विदेश से लौटने वाले)
क्या फिर से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है?
बिलकुल, डॉक्टरों का कहना है कि नए वेरिएंट से बचने के लिए पुराने COVID-19 नियमों को फिर से अपनाना जरूरी है:
मास्क पहनना
हाथों की सफाई
भीड़ से दूरी
क्या इसके लिए नई वैक्सीन है?
नए वेरिएंट से बचने के लिए तीन मुख्य वैक्सीन काम कर रही हैं:
Pfizer-BioNTech (2023-24 अपडेटेड) – JN.1 जैसे वेरिएंट्स पर 50-60% असरदार
Moderna (2024 अपडेटेड) – लक्षणों को हल्का करती है
Novavax/Covovax – 80-90% तक असरदार
क्या फिर से लॉकडाउन लग सकता है?
डॉक्टरों का मानना है कि अभी लॉकडाउन जैसी कोई जरूरत नहीं है। हालात काबू में हैं और सरकार अस्पतालों में अतिरिक्त बेड और ऑक्सीजन की तैयारी कर रही है।
फिलहाल क्या करना चाहिए?
सर्दी-जुकाम या बुखार को हल्के में न लें
लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
मास्क पहनें, सफाई रखें और भीड़ से बचें
इससे पहले भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के DG डॉ. राजीव बहल ने सोमवार को कहा कि संक्रमण को लेकर गंभीरता की स्थिति अभी तक आमतौर पर हल्की है और चिंता की कोई बात नहीं है। डॉ. बहल ने कहा कि पहले तीन सब-वेरिएंट ज्यादा प्रचलित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी जगहों से सैंपल की सीक्वेंसिंग की जा रही है और हमें एक या दो दिन में पता चल जाएगा कि क्या और भी स्वरूप हैं।’’