देहरादून में एक निर्माण स्थल से सामने आई घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। यहां काम कर रहे कुछ जानवरों की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए। शिकायत मिलने के बाद पशु कल्याण संगठन और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और चार गधों और खच्चरों को रेस्क्यू किया गया। ये सभी जानवर लंबे समय से भारी सामान ढोने के लिए मजबूर किए जा रहे थे और उनकी स्थिति बेहद कमजोर और थकी हुई पाई गई। इस घटना ने एक बार फिर जानवरों के प्रति होने वाले व्यवहार और कामकाजी जगहों पर उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिल रही है
10 मंजिल तक भारी सामान ढोने को मजबूर थे जानवर
पशु कल्याण संगठन PFA की ट्रस्टी गौरी मौलेखी के अनुसार, इन जानवरों को रोजाना निर्माण सामग्री लेकर करीब 10 मंज़िल तक सीढ़ियां चढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में यह दर्दनाक दृश्य साफ देखा गया, जिसने लोगों को झकझोर दिया।
रेस्क्यू के बाद सामने आई गंभीर हालत
जानवरों की जांच के बाद पशु चिकित्सकों ने बताया कि उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी। वे डिहाइड्रेशन, थकान, जोड़ों की गंभीर समस्या और खुरों की खराब स्थिति से जूझ रहे थे। तुरंत उन्हें “हैप्पी होम सेंचुरी” में इलाज और देखभाल के लिए भेजा गया।
जानवरों के मालिक ने अदालत में उनकी वापसी की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि जब तक मामला चल रहा है, तब तक किसी भी क्रूरता के शिकार जानवरों को आरोपी को वापस नहीं दिया जा सकता। जानवर फिलहाल पशु कल्याण संगठन की देखरेख में रहेंगे।
सेंचुरी में मिल रहा नया जीवन
इन जानवरों को अब सुरक्षित माहौल में रखा गया है, जहां उन्हें भोजन, इलाज और आराम दिया जा रहा है। इस सेंचुरी में पहले से ही 250 से अधिक बचाए गए जानवर रह रहे हैं।
लोगों में गुस्सा और भावनात्मक प्रतिक्रिया
इस घटना के सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इस क्रूरता की निंदा की और जानवरों को बचाने वालों का धन्यवाद किया। लोगों ने ऐसे मामलों में कड़ी सजा और भारी जुर्माने की भी मांग की।