दिल्ली में एक ऐसा अनोखा ‘चुनाव’ हुआ, जिसकी चर्चा सुनकर शायद आपको भी हंसी आ जाए। यहां मुकाबला किसी नेता या पार्टी के बीच नहीं, बल्कि शहर के सबसे गोल-मटोल और प्यारे कम्युनिटी डॉग को चुनने के लिए हुआ। ‘Fat Dogs of Delhi’ नाम की इस मजेदार प्रतियोगिता में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 64 कुत्तों ने हिस्सा लिया। हर डॉग के अपने समर्थक थे, जिन्होंने Instagram पोस्ट, मीम्स, रील्स और पोस्टर के जरिए अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए वोट मांगे। मुकाबला आगे बढ़ते-बढ़ते फाइनल तक पहुंचा, जहां हौज खास के SDA मार्केट का गोला और साकेत का Googoo आमने-सामने आए।
करीब 75 किलो वजन वाले गोला ने 39,904 वोट हासिल कर खिताब अपने नाम कर लिया। खास बात यह रही कि वोटिंग सिर्फ ऑनलाइन नहीं हुई, बल्कि दिल्ली के कई कैफे में बाकायदा पोलिंग बूथ भी बनाए गए, जहां लोगों ने बैलेट पेपर से वोट डाला।
64 कुत्तों से शुरू हुई मजेदार जंग
कॉन्टेस्ट की शुरुआत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के 64 कुत्तों के साथ हुई थी। हर इलाके के लोगों ने अपने पसंदीदा डॉग के लिए जमकर कैंपेन किया। किसी ने Instagram पर पोस्ट डाली, तो किसी ने पोस्टर और मीम्स बनाए। रील्स और सोशल मीडिया अपील के जरिए भी लोगों से वोट मांगे गए। देखते ही देखते यह मुकाबला सिर्फ मजाकिया प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि कई इलाकों के लिए गर्व की बात बन गया।
75 किलो के गोला ने जीता फाइनल
फाइनल मुकाबला हौज खास के गोला और साकेत के Googoo के बीच हुआ। करीब 75 किलो वजन वाले गोला को इलाके में काफी लोग जानते और पसंद करते थे। फाइनल में गोला को 39,904 वोट मिले और वह विजेता घोषित हुए। इससे पहले Googoo ने सेमीफाइनल में Tara को बेहद करीबी मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
मौत के बाद भी जारी रहा गोला का सफर
गोला की कहानी इस प्रतियोगिता को और भावुक बना देती है। कॉन्टेस्ट के दौरान उसकी मौत हो गई थी, लेकिन वह मुकाबले से बाहर नहीं हुआ। उसके समर्थकों ने वोटिंग जारी रखी और आखिरकार गोला ने खिताब अपने नाम कर लिया। इस वजह से जीत सिर्फ एक मजेदार ट्रॉफी तक सीमित नहीं रही, बल्कि गोला से जुड़े लोगों के लिए यह एक यादगार पल भी बन गया।
इस अनोखे चुनाव में वोटिंग का तरीका भी कम दिलचस्प नहीं था। लोगों को सिर्फ ऑनलाइन वोट करने का मौका नहीं मिला, बल्कि दिल्ली के कई हिस्सों में ऑफलाइन पोलिंग बूथ भी बनाए गए। वसंत विहार, कमला नगर और पंजाबी बाग के कुछ कैफे में लोगों ने बैलेट पेपर पर अपने पसंदीदा डॉग का नाम लिखा। वोट डालने के बाद उनकी उंगली पर निशान भी लगाया गया।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने लिया हिस्सा
इन पोलिंग बूथों पर अलग-अलग उम्र के लोग पहुंचे। युवा ही नहीं, बुजुर्ग भी अपने पसंदीदा कम्युनिटी डॉग के समर्थन में वोट डालने आए। कई लोग अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पोस्टर और दूसरे कैंपेन मटीरियल के साथ भी नजर आए।