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Viral Post: 'ह्यूमैनिटीज छात्रों के लिए प्लेसमेंट नहीं', DU में 84% नंबर के बाद भी नौकरी के लिए भटकती रही छात्रा, वायरल हुई कहानी

Viral Post: दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास (ऑनर्स) ग्रेजुएट की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। एक वायरल लिंक्डइन पोस्ट में ह्यूमैनिटीज के छात्रों को प्लेसमेंट में आने वाली दिक्कतों और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Jun 29, 2026 पर 7:11 PM
Viral Post: 'ह्यूमैनिटीज छात्रों के लिए प्लेसमेंट नहीं', DU में 84% नंबर के बाद भी नौकरी के लिए भटकती रही छात्रा, वायरल हुई कहानी
विश्वविद्यालय से इतिहास (ऑनर्स) में पढ़ाई की और 84 प्रतिशत अंक हासिल किए (Photo: Canva)

Viral Post: सोशल मीडिया पर इस समय दिल्ली विश्वविद्यालय के एक इतिहास (ऑनर्स) ग्रेजुएट की कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। एक वायरल लिंक्डइन पोस्ट में ह्यूमैनिटीज के छात्रों को प्लेसमेंट के दौरान आने वाली मुश्किलों और कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में कहा कि जब कंपनियांअक्सर कम्युनिकेशन और क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स की अहमियत पर जोर देते हैं, फिर भी कैंपस रिक्रूटमेंट में ह्यूमैनिटीज ग्रेजुएट्स को नजरअंदाज क्यों किया जाता है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

स्टार्टअप फाउंडर हर्षित खरे ने लिंक्डइन पर अपने एक दोस्त की कहानी शेयर की, तब ये मामला चर्चा में आया। उनके दोस्त ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास (ऑनर्स) में पढ़ाई की और 84 प्रतिशत अंक हासिल किए और बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उनका नाम डीन की सूची में भी शामिल हुआ। इसके बावजूद उन्हें नौकरी पाने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

शेयर किया पोस्ट

पोस्ट में हर्षित ने लिखा, "मेरी एक दोस्त ने पिछले साल दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया था। उसके 84 प्रतिशत अंक आए थे और उसका नाम डीन की लिस्ट में भी शामिल था। वह औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था (कॉलोनियल इकोनॉमिक्स) जैसे विषयों पर घंटों चर्चा कर सकती थी और मेरी जानकारी में ज्यादातर लोगों से बेहतर लिखती थी।" लेकिन जब उसने नौकरी के लिए कॉलेज के प्लेसमेंट सेल से संपर्क किया, तो उसे जवाब मिला, "माफ कीजिए, हमारे पास ह्यूमैनिटीज के छात्रों के लिए कोई कंपनी नहीं आ रही है।"

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