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बिहार में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार! खुद को बताया NSA अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट, Tesla कार और विदेशी शराब समेत करोड़ों की संपत्ति जब्त

Fake IAS officer arrested in Bihar: बिहार पुलिस ने एक फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर IAS अफसर बनकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के अंडरकवर एजेंट के तौर पर काम करने का दावा किया था। फर्जी IAS को बिहार के खगड़िया जिले से अरेस्ट किया गया है। उसके पास करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का दावा किया गया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 10, 2026 पर 4:02 PM
बिहार में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार! खुद को बताया NSA अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट, Tesla कार और विदेशी शराब समेत करोड़ों की संपत्ति जब्त
Fake IAS officer arrested in Bihar: फर्जी IAS अधिकारी ने खुद को NSA अजीत डोभाल का अंडर अंडरकवर एजेंट बताया था

Fake IAS officer arrested in Bihar: बिहार के खगड़िया जिले में खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी बताने और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से संबंध होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने उसके घर से 31 लीटर से अधिक विदेशी शराब, टेस्ला कार और अन्य कीमती सामान बरामद किया है। उसने कथित तौर पर NSA अजीत डोभाल के अंडरकवर एजेंट के तौर पर काम करने का दावा किया था। फर्जी IAS को खगड़िया जिले से गिरफ्तार किया गया है। फर्जी IAS के पास 100 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी और टेस्ला कार मिली है।

खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (SP) भानु प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी मनीष गुप्ता के रूप में हुई है। वह कथित तौर पर खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर बिहार के विभिन्न हिस्सों में धोखाधड़ी करता था। सिंह ने बताया कि एक सूचना के आधार पर पुलिस ने गुप्ता के ठिकाने पर छापेमारी की। फिर रविवार 9 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया।

NSA अजीत डोभाल के साथ काम करने का दावा

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, "पूछताछ के दौरान गुप्ता ने केंद्रीय सतर्कता आयोग का एक कार्ड दिखाया और दावा किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अधीन एक गुप्त एजेंट के रूप में काम करता है। उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाला एक पहचान पत्र भी दिखाया। लेकिन प्रारंभिक जांच में उसके सभी दावे फर्जी पाए गए।"

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