मुंबई की एक छोटी सी बस्ती से शुरू हुआ एक युवक का सफर आज सफलता की बड़ी मिसाल बन गया है। बचपन में घर छोटा था, परिवार में कोई अंग्रेजी नहीं बोलता था और आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी। पढ़ाई पूरी करने के लिए उधार तक लेना पड़ा। लेकिन इन मुश्किल हालातों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते रहे। कई सालों की मेहनत और संघर्ष के बाद उन्हें अमेरिका में टेक एरिया में अच्छी नौकरी मिली। आज उन्हें करीब 2 करोड़ रुपये सालाना सैलरी मिलती है, उनके पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड है और उन्होंने अपने परिवार के लिए मुंबई में नया घर भी खरीदा है।
