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40 CV भेजकर भी मिली खामोशी, जर्मनी में भारतीय छात्र ने बताया रिजेक्शन के पीछे की हकीकत

जर्मनी में नौकरी की तलाश कर रही भारतीय छात्रा कोमल की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उन्होंने बताया कि 40 कंपनियों में आवेदन करने के बाद 38 से कोई जवाब नहीं मिला और एक ने रिजेक्ट कर दिया। हालांकि, एक इंटरव्यू कॉल ने उनका हौसला बढ़ाया और सफलता की नई उम्मीद दी

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jul 13, 2026 पर 12:39 PM
40 CV भेजकर भी मिली खामोशी, जर्मनी में भारतीय छात्र ने बताया रिजेक्शन के पीछे की हकीकत
कोमल की पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।

जर्मनी में नौकरी पाने की कोशिश कर रही भारतीय छात्रा कोमल की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। उन्होंने अपनी जॉब हंट की मुश्किलों को साझा करते हुए बताया कि कैसे दर्जनों आवेदन भेजने के बाद भी ज्यादातर जगहों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। 40 कंपनियों में आवेदन करने के बावजूद उन्हें सिर्फ एक जगह से इंटरव्यू का मौका मिला। शुरुआत में लगातार मिल रही खामोशी और रिजेक्शन निराशाजनक जरूर थे, लेकिन कोमल ने हार नहीं मानी। उनका कहना है कि कई बार सफलता पाने के लिए सैकड़ों कोशिशों के बीच सिर्फ एक सही अवसर ही काफी होता है।

उनकी यह कहानी उन युवाओं से जुड़ती है, जो विदेशों में नौकरी की तलाश के दौरान रिजेक्शन और इंतजार के दौर से गुजरते हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनके अनुभव को मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल बता रहे हैं।

साइलेंट रिजेक्शन का दर्द भी होता है

कोमल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कहानी साझा करते हुए लिखा कि लोग अक्सर सफलता मिलने के बाद की कहानी सुनते हैं, लेकिन उन अनगिनत कोशिशों के बारे में कम बात होती है जो जवाब का इंतजार करते हुए गुजरती हैं। उन्होंने बताया कि बार-बार ईमेल चेक करना, कोई जवाब न मिलना और बार-बार अपना रिज्यूमे अपडेट करना नौकरी तलाशने वालों के लिए बेहद निराशाजनक अनुभव हो सकता है।

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