ये कहानी 1950 के दशक के आखिर की है, जब एक युवक पीटर हैंड ने एक स्थानीय मेले में खेल जीतकर एक छोटी सी गोल्डफिश घर लाई। उस समय यह सिर्फ एक साधारण सा इनाम था, जिसके बारे में किसी ने ज्यादा सोचा भी नहीं था। आमतौर पर लोग मानते हैं कि गोल्डफिश कुछ ही सालों तक जीवित रहती है और जल्दी खत्म हो जाती है। लेकिन इस छोटी सी मछली ने सभी धारणाओं को गलत साबित कर दिया। धीरे-धीरे यह मछली परिवार के साथ घुल-मिल गई और एक आम पालतू से खास बन गई।
