Google की नौकरी छोड़ने वाली 23 साल की इंजीनियर का बड़ा खुलासा, जानिए क्यों लिया ये फैसला

अच्छी नौकरी और सुरक्षित करियर छोड़कर नया रास्ता चुनना आसान नहीं होता। फिर भी कुछ लोग अपने सपनों को मौका देने के लिए जोखिम उठाते हैं। 23 वर्षीय आशना दोशी ने भी ऐसा ही फैसला लिया। उनका मानना है कि कोशिश न करने का पछतावा, असफल होने के डर से कहीं बड़ा होता है

अपडेटेड Jun 24, 2026 पर 8:35 AM
आशना मानती हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई है।

नौकरी की सुरक्षा और अच्छे वेतन को छोड़कर अपने सपनों के पीछे भागना हर किसी के बस की बात नहीं होती। खासकर तब, जब नौकरी दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google में हो। लेकिन 23 वर्षीय आशना दोशी ने वही रास्ता चुना, जिसे ज्यादातर लोग जोखिम भरा मानते हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चिंता नौकरी छोड़ना नहीं थी, बल्कि ये थी कि अगर उन्होंने अपने विचारों को मौका ही नहीं दिया, तो शायद जिंदगी भर इसका अफसोस रहेगा। यही सोच उन्हें एक नए सफर की ओर ले गई। आज आशना अपनी पसंद के काम पर ध्यान दे रही हैं और कुछ नया बनाने की कोशिश कर रही हैं।

उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सुरक्षित करियर और अपने सपनों के बीच फैसला लेने की दुविधा में रहते हैं। कभी-कभी बड़ा कदम उठाने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है, और आशना ने वही हिम्मत दिखाई।

ग्रेजुएशन से पहले मिला था Google का ऑफर


आशना को Georgia Tech में पढ़ाई के दौरान ही फरवरी 2024 में Google से फुल-टाइम नौकरी का ऑफर मिल गया था। हालांकि यह नौकरी कैलिफोर्निया में थी, जबकि वो न्यूयॉर्क में रहकर करियर शुरू करना चाहती थीं।

उस समय नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी पाना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने ये ऑफर ठुकरा दिया। कुछ महीनों बाद उन्हें Google में ही न्यूयॉर्क स्थित एक दूसरी भूमिका मिल गई, जो उनकी योजना के मुताबिक थी।

Google में सब अच्छा था, लेकिन मन कहीं और था

Google में काम करते हुए आशना ने बेहतरीन तकनीकी अनुभव हासिल किया और प्रतिभाशाली लोगों के साथ काम किया। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस होने लगा कि उनकी रुचि सिर्फ कोडिंग तक सीमित नहीं रही।

उन्हें लोगों की कहानियां सुनना, नए विचारों पर चर्चा करना और कुछ अपना बनाने का सपना ज्यादा आकर्षित करने लगा।

साइड प्रोजेक्ट से शुरू हुआ नया सफर

साल 2025 की शुरुआत में उन्होंने एक अन्य टेक इंजीनियर के साथ मिलकर "0 to 1" नाम का पॉडकास्ट शुरू किया। इस शो में उद्यमियों, इंजीनियरों और बिजनेस लीडर्स की सफलता और संघर्ष की कहानियां साझा की जाती थीं। शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे पॉडकास्ट लोगों को पसंद आने लगा। एक साल के अंदर इसके यूट्यूब पर 1 लाख से ज्यादा व्यूज हो गए। इसी दौरान उनकी मुलाकात Amazon और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी हुई।

AI की दुनिया में दिखा बड़ा मौका

पॉडकास्ट की सफलता के साथ आशना के मन में खुद का बिजनेस शुरू करने का विचार और मजबूत होता गया। उनका मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नए उद्यमियों के लिए कई बड़े अवसर लेकर आया है। उन्हें लगा कि यही सही समय है जब जोखिम उठाकर कुछ नया बनाया जाए।

Google को कहा अलविदा, स्टार्टअप पर लगाया दांव

मई में आशना ने Google की नौकरी छोड़ दी और अपने पॉडकास्ट पार्टनर के साथ मिलकर "Bounty" नाम का AI स्टार्टअप शुरू किया। यह एक AI आधारित मार्केटप्लेस है, जहां कंपनियां भर्ती, आउटरीच और लीड जनरेशन जैसे काम पोस्ट कर सकती हैं और केवल परिणाम मिलने पर भुगतान करती हैं।

कमाई घटी, लेकिन आत्मविश्वास बढ़ा

आशना मानती हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई है। फिलहाल उनका स्टार्टअप कमाई नहीं कर रहा है और पॉडकास्ट से भी कोई आय नहीं होती। इसके बावजूद उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि सुरक्षित नौकरी में रहकर हमेशा "क्या होता अगर..." सोचते रहना उनसे ज्यादा मुश्किल होता।

'सबसे बड़ा डर नौकरी छोड़ना नहीं, रुक जाना था'

आशना का मानना है कि जिंदगी में कुछ नया करने की कोशिश न करना सबसे बड़ा जोखिम है। उनके अनुसार, Google छोड़ना डरावना नहीं था, बल्कि वहीं रहकर हमेशा यह सोचते रहना ज्यादा डरावना था कि वह और क्या कर सकती थीं। यही सोच उन्हें आज अपने सपनों के पीछे पूरी ताकत से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

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