26 लाख रुपये की नौकरी, फिर भी परेशान गुरुग्राम इंजीनियर, पत्नी को लेकर कही ये बात वायरल
गुरुग्राम के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सोशल मीडिया पोस्ट ने शादी, आर्थिक जिम्मेदारियों और वर्किंग पार्टनर को लेकर नई बहस छेड़ दी है। PayU में काम करने वाले इंजीनियर ने अकेले कमाने वाले सदस्य होने का दबाव साझा किया। पत्नी की महत्वाकांक्षा पर की गई उनकी टिप्पणी के बाद इंटरनेट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 14, 2026 पर 12:35 PM
सोशल मीडिया पर बहस जारी है कि परिवार में योगदान की असली परिभाषा क्या होनी चाहिए
गुरुग्राम में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। PayU में काम करने वाले इस इंजीनियर ने अपनी आर्थिक जिम्मेदारियों को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य होने की वजह से उन्हें कई बार मानसिक और आर्थिक दबाव महसूस होता है।
हालांकि उन्होंने अपनी पत्नी को एक अच्छी मां बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि अगर उनकी पत्नी ज्यादा महत्वाकांक्षी होतीं और आर्थिक रूप से योगदान देतीं तो परिवार की जिम्मेदारियां आसान हो सकती थीं।
₹26 लाख सालाना कमाई, फिर भी बचत सिर्फ ₹15 हजार
सोशल मीडिया पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, 34 वर्षीय इंजीनियर की सालाना आय करीब 26 लाख रुपये है। टैक्स और अन्य कटौतियों के बाद उनकी मासिक इन-हैंड सैलरी लगभग 1.75 लाख रुपये बताई गई।
उन्होंने दावा किया कि इतने वेतन के बावजूद घर के खर्चों के बाद हर महीने करीब 15 हजार रुपये ही बच पाते हैं। यही वजह है कि वह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
गुरुग्राम की महंगी जिंदगी का बताया हिसाब
इंजीनियर ने अपने मासिक खर्चों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, सेक्टर-56 में 2BHK फ्लैट का किराया करीब 40 हजार रुपये है। इसके अलावा राशन, बिजली, घरेलू मदद और अन्य खर्चों पर करीब 30 हजार रुपये खर्च होते हैं।
वहीं कार की EMI करीब 16 हजार रुपये और रांची में रहने वाले माता-पिता की मदद के लिए वह हर महीने 20 हजार रुपये भेजते हैं।
बेटी की परवरिश पर खर्च 50 हजार रुपये
उन्होंने बताया कि बेटी की स्कूल फीस, कपड़े, खिलौने, मेडिकल जरूरतें और हॉबी क्लास जैसी चीजों पर हर महीने लगभग 50 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। उनका कहना है कि बच्चे की जिम्मेदारी और घर के अन्य खर्चों को संभालते हुए कई बार वह खुद को दबाव में महसूस करते हैं।
पत्नी की तारीफ भी की, लेकिन जताई अधूरी उम्मीद
इंजीनियर ने कहा कि उनकी पत्नी निशा एक अच्छी मां हैं और बेटी की अच्छी देखभाल करती हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि शादी से पहले उनकी पत्नी अमिटी यूनिवर्सिटी से MBA कर रही थीं, लेकिन शादी के बाद पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी।
उनका कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि पत्नी आगे चलकर कोई कोर्स पूरा करेंगी, नौकरी करेंगी या घर से कोई छोटा काम शुरू करेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
'काश पार्टनर ज्यादा महत्वाकांक्षी होता...' बयान पर मचा विवाद
इंजीनियर ने अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि उन्होंने ऐसे साथी से शादी की होती जो जीवन में आगे बढ़ने और आर्थिक योगदान देने को लेकर ज्यादा इच्छुक होता।
उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर लोगों को दो हिस्सों में बांट दिया। कुछ लोगों ने उनकी परेशानी को समझा, जबकि कई यूजर्स ने इसे पत्नी के योगदान को नजरअंदाज करने वाला नजरिया बताया।
सोशल मीडिया पर छिड़ी पति-पत्नी की जिम्मेदारियों पर बहस
कई यूजर्स ने कहा कि घर संभालना, बच्चे की देखभाल करना और परिवार की जिम्मेदारियां निभाना भी एक बड़ा योगदान है, जिसकी आर्थिक कीमत अक्सर नहीं आंकी जाती।
एक यूजर ने लिखा कि लोग अपनी जीवनशैली को नियंत्रित नहीं करते और बाद में बचत कम होने की शिकायत करते हैं। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि 1.75 लाख रुपये की मासिक आय के बावजूद परेशानी महसूस होना खर्चों की योजना से जुड़ा मुद्दा हो सकता है।
कुछ लोगों ने दी फाइनेंशियल प्लानिंग की सलाह
कुछ यूजर्स का मानना था कि समस्या कम कमाई नहीं बल्कि खर्चों के सही प्रबंधन की है। उन्होंने सुझाव दिया कि बेहतर बजटिंग और निवेश योजना से आर्थिक दबाव कम किया जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों ने इंजीनियर की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिवार में योगदान सिर्फ पैसे से नहीं मापा जा सकता।
एक वायरल पोस्ट ने उठाया बड़ा सवाल
इस पूरे मामले ने एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है कि शादी में आर्थिक जिम्मेदारी, करियर, घरेलू काम और बच्चों की परवरिश को किस तरह संतुलित किया जाए। सोशल मीडिया पर बहस जारी है कि परिवार में योगदान की असली परिभाषा क्या होनी चाहिए सिर्फ कमाई या फिर हर तरह की जिम्मेदारी निभाना।