उत्तर भारत में जहां इन दिनों रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और भीषण हीटवेव का प्रकोप देखने को मिला, वहीं सोशल मीडिया पर गुरुग्राम के एक ऑटो रिक्शा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। फुली एसी वाला ये ऑटो लोगों का ध्यान बरबस ही अपनी ओर खींच रहा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस अनोखे अपग्रेड को देखकर इंटरनेट यूजर्स हैरान हैं और कई लोग इसे भारत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भविष्य तक कह रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर यूजर @dipanshi___19 ने एक रील शेयर की, जिसमें ये अलग किस्म का ऑटो दिखा। इसके बाद ये रील वायरल हो गई। इस वायरल वीडियो में नीले रंग का एक ऑटो रिक्शा दिखाई दे रहा है। इसमें एक फंक्शनिंग एसी यूनिट लगी हुई है। इस इंस्टाग्राम रील पर एक टेक्स्ट भी लिखा दिखाई देता है जिसमें लिखा है- गुरुग्राम की दुनिया ही अलग है, एसी इंस्टॉल ऑटो। यूजर इसपर कमेंट कर रहे हैं कि आखिर ये ऑटो कबसे अपग्रेड होने लगे।
ग्रीन नंबर प्लेट यानी ये तो ईवी है!
इस एसी ऑटो रिक्शा की एक और खास बात ने लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा। इसपर हरे रंग की नंबर प्लेट लगी हुई है। हरी नंबर प्लेट यह बताती है कि यह एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) यानी बिजली से चलने वाला ऑटो है। कई सोशल मीडिया यूजर्स को लगता है कि यह अपग्रेड किया गया ऑटो गर्मियों के दौरान कम दूरी की यात्रा के लिए एक बेहद व्यावहारिक और सटीक विकल्प बन सकता है।
कॉर्पोरेट कर्मचारियों से जुड़ा है कनेक्शन? यूजर्स ने किए बड़े दावे
जैसे-जैसे यह रील इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगी, सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में मजेदार प्रतिक्रियाएं, तारीफें और कई तरह के सुझाव देने शुरू कर दिए। कुछ यूजर्स ने इसके गुरुग्राम के कॉर्पोरेट कर्मचारियों से जुड़े होने का भी दावा किया। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि यह हुंडई का ऑटो है। हुंडई गुरुग्राम में रहने वाले अपने कर्मचारियों को पिक एंड ड्रॉप सेवा देती है। इस अनोखे ऑटो को देखकर यूजर्स तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। ऑटो चालक द्वारा ट्रैफिक नियमों का पालन करने पर चुटकी लेते हुए एक यूजर ने लिखा कि क्या वह इंडिकेटर का इस्तेमाल कर रहा था? मैंने दशकों से किसी ऑटो को इंडिकेटर का इस्तेमाल करते नहीं देखा है।
ऑटो के रंग पर मजाक करते हुए एक दूसरे यूजर ने लिखा कि मुझे यह गुलाबी रंग में या फिर स्कूबी डू मिस्ट्री मशीन के रंग में चाहिए। इस कॉन्सेप्ट की सराहना करते हुए एक तीसरे यूजर ने उम्मीद जताई और लिखा कि पूरे भारत में इसकी जरूरत है। हालांकि कुछ लोगों ने सेफ्टी को लेकर भी सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा कि ये भारत में लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है।