बारिश का मौसम जहां एक तरफ गर्मी से राहत और ठंडी हवाओं का एहसास कराता है, वहीं दूसरी तरफ यह त्वचा के लिए कई तरह की परेशानियां भी लेकर आता है। इस दौरान हवा में नमी (humidity) का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे स्किन पर ऑयल का उत्पादन ज्यादा होने लगता है। अतिरिक्त तेल और गंदगी मिलकर स्किन के पोर्स को बंद कर देते हैं, जिसके कारण पिंपल्स, एक्ने, रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। कई लोगों को इस मौसम में त्वचा पर खुजली और जलन की शिकायत भी होने लगती है, जिससे स्किन डल और अनइवन दिखने लगती है।
यही वजह है कि मॉनसून में सामान्य स्किन केयर रूटीन को और भी ज्यादा ध्यान से फॉलो करना जरूरी हो जाता है। सही देखभाल और हल्के प्राकृतिक उपाय अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है और त्वचा को हेल्दी रखा जा सकता है।
देसी नुस्खा जो सालों से है फेमस
स्किन केयर प्रोडक्ट्स के बीच आज भी एक पुराना घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है हल्दी और चंदन का फेस पैक। भारतीय घरों में इसे पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि यह त्वचा को शांत और साफ रखने में मदद कर सकता है।
हल्दी क्यों फायदेमंद मानी जाती है?
हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह स्किन पर:
चंदन को उसकी ठंडक देने वाली प्रकृति और खुशबू के लिए जाना जाता है। यह:
इस फेस पैक को बनाना बेहद आसान है:
सभी चीजों को मिलाकर स्मूद पेस्ट बनाएं, चेहरे पर लगाएं, सूखने के बाद धो लें और हल्का मॉइश्चराइजर लगाएं।
इस फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 1 बार करना पर्याप्त माना जाता है। साथ ही नियमित सफाई और मॉइश्चराइजिंग भी जरूरी है।
हर किसी के लिए नहीं है यह नुस्खा
हालांकि यह प्राकृतिक उपाय है, लेकिन हर स्किन पर सूट नहीं करता। अगर स्किन सेंसिटिव है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जलन, लालपन या खुजली होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।
क्या यह सच में एक्ने ठीक कर सकता है?
हल्दी और चंदन स्किन को शांत जरूर कर सकते हैं, लेकिन गंभीर एक्ने के लिए वैज्ञानिक रूप से यह पूरा इलाज नहीं माना जाता। लगातार या गंभीर पिंपल्स होने पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही होता है।