अगर आपको ये बताया जाए कि मगरमच्छ की सामान्य उम्र गेस करिए तो आपको गूगल करना पड़ेगा। शायद हम या आप इस बात को नहीं जानते कि आखिर एक मगरमच्छ कितना जिंदा रह सकता है। इस बात को समझना हो तो अभी एक्स पर वायरल हो रहे हेनरी नाम के मगरमच्छ की जिंदगी को देखा जा सकता है। दावों के मुताबिक हेनरी शताब्दी पुराना जीवित मगरमच्छ है और इसे दुनिया का सबसे पुराना जिंदा मगरमच्छ समझा जाता है। Nature Unedited नाम के एक एक्स हैंडल ने हेनरी का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह हेनरी है जो नील नदी की प्रजाति का मगरमच्छ। इससे दुनिया का सबसे बुजुर्ग मगरमच्छ माना जाता है। इसका जन्म करीब 1900 के आसपास हुआ था।
पहले इस वीडियो को यहां नीचे देखिए-
हेनरी के इस वायरल वीडियो को कोट करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी हिमांशु त्यागी ने अपने एक्स पोस्ट पर बेहद दिलचस्प जानकारियां शेयर की हैं। उन्होंने विस्तार से समझाया है कि इंसानों या दूसरे स्तनधारियों के उलट मगरमच्छ आखिर कैसे एक शताब्दी (100 साल) से भी अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं और उनके बुढ़ापे के पीछे की साइंस क्या है।
IFS अधिकारी हिमांशु त्यागी ने हेनरी के दीर्घायु होने के पीछे के तीन सबसे बड़े वैज्ञानिक कारणों को डिकोड किया है:
मगरमच्छ को इंसानों के जैसे नहीं आता है बुढ़ापा
IFS अधिकारी के मुताबिक, मगरमच्छों की मौत इंसानों या दूसरे स्तनधारियों की तरह पारंपरिक अर्थों में ओल्ड एज या बुढ़ापे की वजह से नहीं होती है। अगर मगरमच्छों को भुखमरी, गंभीर बीमारियों और किसी बड़े हादसे या शिकार से बचाकर रखा जाए तो वे बेहद आसानी से एक सदी (100 साल) से ज्यादा जिंदा रह सकते हैं।
जीवनभर रुकती नहीं है ग्रोथ
ज्यादातर स्तनधारी जीव वयस्क होने के बाद शारीरिक रूप से बढ़ना बंद कर देते हैं, लेकिन मगरमच्छों के साथ ऐसा नहीं है। जब तक उन्हें पर्याप्त भोजन और अनुकूल प्राकृतिक आवास मिलता रहता है, वे अपने पूरे जीवनकाल में लगातार बढ़ते रहते हैं।
मगरमच्छ कोल्ड-ब्लडेड यानी शीत-रक्त वाले जीव होते हैं। वे अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए बाहरी गर्मी (जैसे धूप सेकना) पर निर्भर रहते हैं। इस वजह से उनका मेटाबॉलिज्म बहुत धीमा होता है। इससे उनके शरीर की ऊर्जा बहुत कम खर्च होती है। यही कारण है कि वे बिना कुछ खाए-पिए भी कई महीनों तक आसानी से जिंदा रह सकते हैं।
नरभक्षी से हेनरी बनने की दिलचस्प कहानी
हिमांशु त्यागी ने हेनरी से जुड़ी एक और रोचक जानकारी शेयर की है। उनके मुताबिक 1900 के दशक की शुरुआत में यह मगरमच्छ अफ्रीका की ओकावांगो नदी में रहता था। उस दौरान वह एक खतरनाक नरभक्षी के रूप में कुख्यात था और उसने कई इंसानों को अपना शिकार बनाकर मौत के घाट उतार दिया था। इस आदमखोर मगरमच्छ से लोगों को निजात दिलाने और उसे मारने के लिए सर हेनरी न्यूमैन नाम के एक मशहूर शिकारी को भेजा गया था। लेकिन सर हेनरी ने इस विशालकाय जीव को मारने के बजाय उसे जिंदा पकड़ लिया।
जिंदा पकड़ने के बाद इसे एक संरक्षण केंद्र में लाया गया। इसे जीवनदान देने वाले शिकारी सर हेनरी न्यूमैन के सम्मान में ही इस मगरमच्छ का नाम हेनरी रखा गया।
125+ की उम्र में भी 10000 बच्चों का पिता!
हेनरी की ताकत और उसकी शारीरिक क्षमता आज भी वैज्ञानिकों को हैरान करती है। IFS अधिकारी ने बताया कि हेनरी 125 वर्ष से अधिक की आयु पार करने के बाद भी प्रजनन के मामले में पूरी तरह सक्रिय है। वह अब तक 10000 से अधिक बच्चों का पिता बन चुका है।