IIM कोझिकोड के एक पूर्व छात्र की भावुक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। यह कहानी किसी महंगी SUV या बड़ी नौकरी की नहीं, बल्कि एक बेटे के उस वादे की है जो उसने बचपन में अपने पिता की एक बातचीत सुनने के बाद खुद से किया था। सालों तक उसने उस संकल्प को अपने दिल में संजोकर रखा और करियर की शुरुआत होते ही उसे हकीकत में बदल दिया। इस खास पल का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों लोग इसे माता-पिता के त्याग और बच्चों के प्यार की सबसे खूबसूरत मिसाल बता रहे हैं।
कई यूजर्स का कहना है कि जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ अच्छी सैलरी या बड़ा पद हासिल करना नहीं, बल्कि उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना है जिन्होंने अपने सपनों से पहले हमेशा अपने बच्चों के सपनों को रखा। यही वजह है कि यह कहानी लोगों को भावुक भी कर रही है और प्रेरित भी।
बचपन में सुनी एक बात ने बदल दी सोच
दीप नीलिम ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि स्कूल के दिनों में उन्होंने अपने पिता को मां से कहते सुना था कि वह अपनी पसंद की SUV नहीं खरीदेंगे। उनका मानना था कि बेटे की पढ़ाई पर ज्यादा खर्च करना ज्यादा जरूरी है, इसलिए फिलहाल कम कीमत की कार ही लेंगे और रिटायरमेंट के बाद अपनी ड्रीम SUV खरीदेंगे। यही बातचीत दीप के मन में हमेशा के लिए बस गई। उसी दिन उन्होंने तय कर लिया कि एक दिन वह अपने पिता को वही SUV खुद खरीदकर देंगे।
IIM से निकलते ही पूरा किया बचपन का वादा
समय के साथ दीप ने IIM कोझिकोड से MBA किया और ग्रेजुएशन के महज छह महीने बाद ही अपनी पहली बड़ी कमाई से पिता के लिए उनकी पसंद की SUV खरीद ली। वर्तमान में वह KPMG में कार्यरत हैं।
टेस्ट ड्राइव के बहाने दिया जिंदगी का सबसे बड़ा सरप्राइज
दीप ने इस पल को खास बनाने के लिए पिता को यह नहीं बताया कि कार खरीदी जा चुकी है। उन्होंने उन्हें सिर्फ टेस्ट ड्राइव के बहाने शोरूम बुलाया। पिता सामान्य दिन की तरह वहां पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह दिन उनकी जिंदगी की सबसे यादगार याद बनने वाला है।
कार देखने के बाद दीप ने बताया कि यह SUV अब उनके पिता की है। यह सुनते ही पिता कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए और फिर उनकी आंखें खुशी से भर आईं। वीडियो पर लिखा था, "IIM Kozhikode gave me more than an MBA."
'MBA ने सिर्फ डिग्री नहीं, लौटाने की ताकत दी'
पोस्ट के कैप्शन में दीप ने लिखा कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि MBA करना फायदेमंद है या नहीं। उनके लिए इसका मतलब सिर्फ अच्छी नौकरी, सैलरी या डिग्री नहीं था, बल्कि इतना सक्षम बनना था कि वह उन माता-पिता का ऋण कुछ हद तक चुका सकें, जिन्होंने अपनी हर खुशी उनके लिए कुर्बान कर दी।
उन्होंने यह भी लिखा कि बचपन में उन्होंने अपने माता-पिता से कई बार "बाद में" शब्द सुना था। इस बार उन्हें अपने पिता से कहने का मौका मिला, "अब आपकी बारी है।"
सोशल मीडिया पर भावुक हुए लोग
वीडियो तेजी से वायरल हो गया और हजारों लोगों ने इस पल को बेहद भावुक बताया। कई यूजर्स ने लिखा कि असली तोहफा SUV नहीं, बल्कि वह वादा था जिसे बेटे ने सालों तक निभाया। लोगों ने इसे माता-पिता के त्याग और बच्चों के प्यार की सबसे खूबसूरत मिसालों में से एक बताया।