ज्यादातर लोग आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद करोड़ों के पैकेज वाली नौकरी का सपना देखते हैं। लेकिन आईआईटी दिल्ली के एक पूर्व छात्र ने अलग रास्ता चुना। खबरों के मुताबिक, उन्हें एक जापानी कंपनी से 35 लाख रुपये सालाना के पैकेज का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। उनका सपना आईपीएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना था। इसलिए उन्होंने मोटी सैलरी वाली नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया। उनकी ये मेहनत रंग लाई और पहली ही कोशिश में वो आईपीएस अधिकारी बन गए। अब उनकी ये स्टोरी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
आईपीएस अधिकारी अर्चित चांडक की प्रेरणादायक कहानी हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विकास अल्विस नाम के एक यूजर ने शेयर की है। पोस्ट में अर्चित ने आरामदायक करियर का ऑप्शन छोड़कर सिविल सेवा की राह चुनी। वायरल पोस्ट के मुताबिक, "अर्चित चांडक नागपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने कम उम्र से ही पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन किया। 2012 में वह जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) में शहर के टॉपर बने, जिसके बाद उन्हें IIT दिल्ली में दाखिला मिला। वहां उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की पढ़ाई पूरी की।"
पहली ही कोशिश में मिली सफलता
साल 2016 में आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद अर्चित चांडक को एक जापानी कंपनी से करीब 35 लाख रुपये सालाना के पैकेज वाली नौकरी का ऑफर मिला था। लेकिन उन्होंने इस आकर्षक नौकरी को स्वीकार करने के बजाय यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया। अर्चित चांडक की मेहनत आखिरकार सफल रही। यूपीएससी की तैयारी शुरू करने के करीब दो साल बाद उन्होंने साल 2018 में पहली ही कोशिश में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। इस परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 184 हासिल की, जिसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए हुआ। उनकी यह सफलता कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई।
उन्होंने आगे दावा किया कि चांडक ने अपने करियर की शुरुआत नागपुर में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के रूप में की थी और फिलहाल वह महाराष्ट्र के अकोला में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) के पद पर तैनात हैं। पोस्ट शेयर करने वाले यूजर ने लिखा, "मैं कहना चाहता हूं कि जिंदगी हमेशा हमारे कंट्रोल में होनी चाहिए। देखिए उन्हें कितना कॉन्फिडेंस था कि वह ₹35 LPA की नौकरी का ऑफर ठुकरा सकते थे और पूरी तरह से नए सिरे से कुछ करने की तैयारी कर सकते थे। खुद पर भरोसा कमाल कर सकता है।" ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही।
सोशल मीडिया यूजर्स ने किया कमेंट
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने फाइनेंशियल सिक्योरिटी चुनने के बजाय अपने सपने को पूरा करने के चांडक के कमिटमेंट की तारीफ की। एक यूजर ने कमेंट किया, “सफलता अक्सर आपके करियर को आपके मकसद के साथ जोड़ने से मिलती है, न कि सिर्फ सबसे ज्यादा सैलरी के पीछे भागने से।” एक तीसरे यूजर ने कहा, “यह सिर्फ खुद पर भरोसा नहीं था। यह उस मकसद के लिए सोच-समझकर रिस्क लेने की इच्छा भी थी जिस पर उसे सच में भरोसा था।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “तो फिर IIT JEE और बीच का क्या मकसद है जब मकसद पब्लिक सर्विस ही हो।” एक अन्य यूजर ने कहा, “कमाई ज्यादा है IAS IPS बनकर..35L तो महीना कमा लेगा।”