पोलैंड में रहने वाले भारतीय एक्सपैट प्रदीप पंकज सिंह ने अपने अनुभव के आधार पर भारत और यूरोप के कॉर्पोरेट वर्क कल्चर की एक दिलचस्प तुलना पेश की है। उनके अनुसार दोनों जगहों के बीच फर्क सिर्फ काम के घंटे या नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी सोच और कार्यशैली का अंतर है। India में कई जगहों पर लंबे समय तक ऑफिस में मौजूद रहने को मेहनत और डेडिकेशन का संकेत माना जाता है, जबकि यूरोप में काम की समय-सीमा और आउटपुट को ज्यादा महत्व दिया जाता है। इस तुलना में सबसे बड़ा फर्क मैनेजमेंट की मानसिकता और कर्मचारियों के प्रति दृष्टिकोण में दिखाई देता है।
