ट्रेन में इस तरह ले गए घी तो जब्त हो सकता है सामान, रेलवे के नियम जानिए

ट्रेन में सफर करने वाले ज्यादातर यात्रियों को टिकट और लगेज नियमों की जानकारी होती है, लेकिन भारतीय रेलवे कुछ ऐसे नियम भी लागू करता है जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। सामान ले जाने से जुड़े इन्हीं नियमों में एक ऐसा नियम भी शामिल है, जिसे जानना हर रेल यात्री के लिए जरूरी है

अपडेटेड Jun 20, 2026 पर 3:33 PM
रेलवे नियमों के अनुसार एक यात्री अपने साथ अधिकतम 20 किलोग्राम घी ले जा सकता है।

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है, जहां हर दिन करोड़ों यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान तक सफर करते हैं। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे समय-समय पर कई नियम लागू करता है। हालांकि, इनमें से कई नियम ऐसे हैं जिनकी जानकारी अधिकांश लोगों को नहीं होती। यही वजह है कि कई बार यात्री अनजाने में ऐसे काम कर बैठते हैं, जो रेलवे के नियमों के खिलाफ होते हैं। ट्रेन में यात्रा के दौरान सामान ले जाने को लेकर भी रेलवे ने कुछ खास दिशानिर्देश तय किए हैं। कुछ वस्तुओं को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है, जबकि कुछ सामान को निर्धारित शर्तों के साथ ही ले जाने की अनुमति है।

ऐसे नियमों का मकसद केवल व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि यात्रियों को संभावित जोखिमों और असुविधाओं से बचाना भी है। इसलिए ट्रेन से सफर करने से पहले सामान से जुड़े नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी माना जाता है।

घी पर क्यों है रेलवे की नजर?


घी भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है, लेकिन रेलवे इसे सामान्य सामान की तरह नहीं देखता। इसकी वजह है सुरक्षा। अगर घी की पैकिंग सही न हो और सफर के दौरान वह रिसने लगे, तो ट्रेन के फर्श पर फिसलन पैदा हो सकती है। इससे यात्रियों के गिरने और चोटिल होने का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा घी ज्वलनशील पदार्थों की श्रेणी में भी माना जाता है। किसी आपात स्थिति में इसका रिसाव आग के खतरे को बढ़ा सकता है। यही कारण है कि रेलवे ने इसके परिवहन को लेकर स्पष्ट नियम बनाए हैं।

कितना घी ले जाने की है अनुमति?

रेलवे नियमों के अनुसार एक यात्री अपने साथ अधिकतम 20 किलोग्राम घी ले जा सकता है। यदि इससे ज्यादा मात्रा ले जानी हो तो संबंधित अनुमति लेना जरूरी हो सकता है। बिना अनुमति निर्धारित सीमा से अधिक घी ले जाना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।

पैकिंग में जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

सिर्फ मात्रा ही नहीं, घी की पैकिंग भी रेलवे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नियम के मुताबिक घी को अच्छी तरह सील किए गए टिन या कनस्तर में रखना चाहिए। खुला घी या सामान्य प्लास्टिक की बोतलों में रखा गया घी लेकर यात्रा करना परेशानी का कारण बन सकता है।

रेलवे का मानना है कि गलत पैकिंग से रिसाव की संभावना बढ़ जाती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

सिर्फ घी ही नहीं, ये सामान भी हैं प्रतिबंधित

ट्रेन में कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इनमें गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, पटाखे, बारूद, हथियार और खतरनाक रसायन शामिल हैं। ये सामान किसी भी समय बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं, इसलिए रेलवे इन्हें सख्ती से प्रतिबंधित करता है।

नियम तोड़ा तो क्या होगा?

अगर कोई यात्री निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता है, तो रेलवे उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। ऐसे मामलों में सामान जब्त किया जा सकता है, जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर स्थिति होने पर कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

सफर से पहले नियम जानना क्यों है जरूरी?

अक्सर लोग अनजाने में ऐसे सामान अपने साथ ले जाते हैं जिन पर रेलवे की पाबंदी होती है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले सामान से जुड़े नियमों की जानकारी लेना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी न सिर्फ आपको जुर्माने से बचा सकती है, बल्कि आपके और दूसरे यात्रियों के सफर को भी सुरक्षित बना सकती है।

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