सोशल मीडिया पर इन दिनों एक टेक प्रोफेशनल की सफलता की कहानी तेजी से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में एक व्यक्ति ने बताया की उसने भारत में रहते हुए ही उन्हें यूनाइटेड किंगडम से करीब 1.8 करोड़ रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी का ऑफर मिला। वीडियो में व्यक्ति ने इस उपलब्धि तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को सरल और आसान तरीके से समझाया है। टेक प्रोफेशनल ने बताया कि उन्होंने ये सफलता एक अच्छी योजना और सही तैयारी के दम पर हासिल की। व्यक्ति का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
टेक प्रोफेशनल ने बताया कि इस जॉब का मिलना कोई किस्मत का खेल नहीं था, बल्कि हर कदम पहले से सोच-समझकर उठाया गया था। उन्होंने नौकरी देने वाली कंपनियों की जानकारी जुटाई, उनकी जरूरतों को समझा और उसी के अनुसार इंटरव्यू की तैयारी की।
अपने पोस्ट में व्यक्ति ने बताया, "आखिरकार मुझे भारत में रहते हुए ही यूनाइटेड किंगडम से 1.8 करोड़ रुपये का इंटरनेशनल जॉब ऑफर मिला। 2025 में यूनाइटेड किंगडम आने से पहले मैं उबर, जोमैटो, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी कई बड़ी कंपनियों में काम कर चुका था।"
टेक प्रोफेशनल ने बताया कि, सबसे पहले न्होंने नौकरी से जुड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स LinkedIn Jobs, Indeed और Levels.fyi पर विदेशों में उपलब्ध नौकरियों की तलाश शुरू की। इसके बाद उन्होंने करीब 30 ऐसी कंपनियों की सूची बनाई, जो वीजा स्पॉन्सरशिप के साथ नौकरी के अवसर देती थीं। फिर उन्होंने अलग-अलग जॉब पोस्टिंग को ध्यान से पढ़ा और करीब 35 से 40 जॉब डिस्क्रिप्शन का एनालिसिस किया। इस दौरान उन्होंने उन स्किल्स की पहचान की, जिनकी मांग सबसे ज्यादा थी। इसके आधार पर उन्होंने अपनी तैयारी की योजना बनाई और बिना भटके सिर्फ उन्हीं जरूरी कौशलों को मजबूत करने पर ध्यान दिया, जिनकी कंपनियों को सबसे अधिक जरूरत थी।
उन्होंने इस बात पर भी फोकस किया कि इंडिया के बाहर इंटरव्यू कैसे हैंडल किए जाते हैं। उन्होंने स्ट्रक्चर्ड जवाब, साफ बातचीत और लॉजिकल एक्सप्लेनेशन की प्रैक्टिस शुरू की। उन्होंने यह भी सीखा कि हर सवाल का जवाब देने की कोशिश करने के बजाय, जिस विषय की जानकारी न हो उसे ईमानदारी से स्वीकार करना बेहतर होता है। साथ ही, उन्होंने ग्लोबल रोल के लिए डिजाइन किया हुआ एक पेज का रिज्यूमे बनाया। इसमें लंबे जॉब डिस्क्रिप्शन के बजाय इम्पैक्ट और रिजल्ट पर ज्यादा फोकस था। उन्होंने अप्लाई करने से पहले अपनी परफॉर्मेंस सुधारने के लिए मॉक इंटरव्यू भी दिए। उनके अनुसार, इस प्रैक्टिस ने आत्मविश्वास बढ़ाने और चयन प्रक्रिया के लिए बेहतर तैयारी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभी तैयारी पूरी होने के बाद उन्होंने नौकरी के लिए आवेदन करना शुरू किया, लेकिन इस दौरान भी उन्होंने एक सोची-समझी रणनीति अपनाई। उन्होंने हर उपलब्ध अवसर के लिए आवेदन करने के बजाय केवल उन्हीं पदों को चुना, जो उनकी योग्यता और अनुभव से मेल खाते थे। साथ ही, नई वैकेंसी सामने आते ही जल्दी आवेदन करने पर भी ध्यान दिया। उनका मानना है कि उनकी सफलता का कारण भाग्य नहीं, बल्कि लगातार और व्यवस्थित तरीके से किया गया प्रयास था, जिसने पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना दिया।