सैलरी हाइक मांगी, नौकरी गंवाई! AI स्टार्टअप के इंटर्न की पोस्ट सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

एक एआई स्टार्टअप की इंटर्न ने दावा किया है कि सैलरी बढ़ाने की मांग करने के कुछ समय बाद उसकी नौकरी चली गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस पोस्ट के बाद कर्मचारियों के वेतन, स्टार्टअप कल्चर और कार्यस्थल पर कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर बहस शुरू हो गई है

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 3:13 PM
उसने कई महीनों तक मेहनत से काम किया और कंपनी की तरक्की में योगदान दिया (Photo: Canva)

एक एआई स्टार्टअप में काम करने वाली इंटर्न की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में इंटर्न ने बताया कि जब उसने अपने मैनेजर से सैलरी बढ़ाने की मांग की तो इसके कुछ समय बाद ही उसकी नौकरी चली गई। इस मामले के सामने आने के बाद लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या कर्मचारियों को बेहतर वेतन मांगने का अधिकार है या नहीं। कर्मचारी के इस मांग पर किस तरह प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इस घटना ने स्टार्टअप कंपनियों में काम के माहौल और कर्मचारियों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

काम से निकाल दिया गया

इंटर्न के मुताबिक, सैलरी बढ़ाने की बात पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की रिएक्शन पूरी तरह से चौंकाने वाला था। उसका दावा है कि उसने कई महीनों तक मेहनत से काम किया और कंपनी की तरक्की में योगदान दिया, इसलिए उसकी मांग को लेकर कई लोगों ने भी उसका समर्थन किया। Reddit पर अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए इंटर्न ने लिखा, "एक WhatsApp मैसेज की वजह से मेरी इंटर्नशिप खत्म हो गई।" उसने बताया कि वह छह लोगों की टीम वाले एक स्टार्टअप में काम कर रही थी और पिछले चार महीनों से कंपनी में महत्वपूर्ण तकनीकी जिम्मेदारियां संभाल रही थी। उसके अनुसार, इस दौरान उसने कई अहम प्रोजेक्ट्स पर काम किया और टीम के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाई।


इंटर्न के मुताबिक, सैलरी बढ़ाने की बात पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की रिएक्शन पूरी तरह से चौंकाने वाला था। इंटर्न के मुताबिक, सैलरी बढ़ाने की बात पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की रिएक्शन पूरी तरह से चौंकाने वाला था।

कंपनी के ग्रोथ में बड़ा रोल

उसने लिखा, “मैंने कंपनी का पूरा स्मॉल लैंग्वेज मॉडल (SLM) इंफ्रास्ट्रक्चर शुरू से तैयार किया। उनकी इंफरेंस कॉस्ट 95 प्रतिशत तक कम की और 7 से अधिक क्लाइंट्स लाने में भी मदद की।” इंटर्न ने आगे कहा, “उन्होंने सिर्फ सैलरी बढ़ाने को लेकर भेजे गए एक नेगोशिएशन मैसेज की वजह से मुझे बाहर का रास्ता दिखा दिया। मेरे चार महीने के काम और तकनीकी योगदान को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। अगर वे चाहते, तो सीधे कह सकते थे कि वे केवल एक निश्चित राशि तक ही बढ़ोतरी कर सकते हैं, और मैं उसे आसानी से स्वीकार कर लेती।”

यूजर ने किया पोस्ट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई रेडिट यूजर्स ने इंटर्न के समर्थन में अपनी राय रखी। एक यूजर ने लिखा, “जो लोग नए स्टार्टअप्स में काम कर रहे हैं, उन्हें हमेशा लिखित कॉन्ट्रैक्ट के साथ ही काम करना चाहिए। बिना स्पष्ट शर्तों के काम करना कई बार कर्मचारियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है।” दूसरे यूजर ने कहा, “ये ऐसा मामला लगता है जहां एक छात्र के साथ गलत तरीके से व्यवहार किया गया है। किसी की मेहनत को इस तरह नजरअंदाज करना सही नहीं है।” वहीं एक और यूजर ने कहा, “मुझे लगता है कि कंपनी का सीईओ जल्द ही दोबारा संपर्क करेगा, जब उसे एहसास होगा कि तुम्हारे योगदान की कितनी अहमियत थी।” इस पर इंटर्न ने जवाब देते हुए कहा, “उसे लगता है कि हर काम आसानी से AI के जरिए हो सकता है और इसी भरोसे वह आगे बढ़ रहा है।”

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