फायरिंग विवाद में खान सर (Khan Sir) अब बुरे फंसते नजर आ रहे हैं। मंगलवार (02 जून, 2026) को हुई इस घटना में उनके दो सुरक्षाकर्मियों की हुई गिरफ्तारी के बाद अब खान सर पर भी केस दर्ज हो गया है। इस वारदात के बीच लोग एक बार फिर इंटरनेट पर उनके बारे में सर्च कर रहे हैं। पढ़ाने के अनोखे अंदाज और कम फीस के कारण उन्होंने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के बीच वह काफी लोकप्रिय हैं। तो आइए, खान सर के इस पूरे एजुकेशनल बैकग्राउंड के बारे में।
कितने पढ़े-लिखे हैं खान सर
खान सर का नाम देश के टॉप टीचर्स में गिना जाता है। इसके साथ ही खान सर की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी और एमएससी की डिग्रियां हासिल की हैं और आज देशभर में काफी फेमस हैं। उन्होंने 10वीं तक इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई की और फिर 12वीं हिंदी मीडियम स्कूल से पास की। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित परमार मिशन स्कूल से पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। वहां से उन्होंने विज्ञान विषय में स्नातक (B.Sc.) और परास्नातक (M.Sc.) की डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने भूगोल विषय में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A.) की पढ़ाई भी की।
खान सर चर्चाओं में रहने की असली वजह यह है कि वे देश-दुनिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय लोकल भाषा और उदाहरणों के द्वारा रखते हैं। खान सर राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं। खान सर पहले सिर्फ ऑफलाइन पढ़ाते थे, लेकिन कोरोना आने के बाद कोचिंग सेंटर बंद हो गए। उसके बाद उन्होंने ऑनलाइन क्लासेस शुरू कीं। आज उनके यूट्यूब चैनल पर 25 मिलियन से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। उनके कोर्सों की फीस अलग-अलग है,150 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक। वे सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं।
खान सर ने अपने शिक्षण करियर की शुरुआत बिहार की राजधानी पटना में की थी। शुरुआत में उनकी क्लास में केवल छह छात्र पढ़ते थे। हालांकि, उनके पढ़ाने का तरीका बाकी शिक्षकों से अलग था। वे कठिन विषयों को आसान भाषा, मजेदार उदाहरणों और रोचक अंदाज में समझाते थे, जिससे छात्र उन्हें पसंद करने लगे। धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई और उनकी कक्षाओं में छात्रों की संख्या भी लगातार बढ़ने लगी। वर्ष 2019 में उन्होंने 'खान जीएस रिसर्च सेंटर' नाम से अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। आज इस चैनल के 23 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं।