कभी-कभी करियर का बड़ा बदलाव किसी नौकरी के आवेदन से नहीं, बल्कि एक छोटे से मैसेज से शुरू होता है। कारोबारी विशाल ठाकुर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्होंने एक कंपनी के CMO को LinkedIn पर बिना किसी जान-पहचान के मैसेज किया, ताकि यह पता चल सके कि बाजार में उनकी स्किल्स की असली कीमत कितनी है। उस समय विशाल नौकरी बदलने की तलाश में भी नहीं थे। लेकिन कुछ ही दिनों में CMO का जवाब आया और बातचीत आगे बढ़ते-बढ़ते इंटरव्यू तक पहुंच गई। इसके बाद जो हुआ, उसने विशाल को भी हैरान कर दिया। उन्हें ऐसी नौकरी का ऑफर मिला, जिसकी सैलरी उनकी मौजूदा कमाई से करीब तीन गुना थी।
नौकरी बदलने का इरादा नहीं था, बस खुद को परखना चाहते थे
यह कहानी 2021 की है। उस वक्त विशाल की सालाना कमाई करीब ₹6 लाख थी। खास बात यह थी कि वह सक्रिय रूप से नई नौकरी की तलाश भी नहीं कर रहे थे। उनके मन में बस एक सवाल था क्या उनकी स्किल्स की मार्केट वैल्यू उनकी मौजूदा सैलरी से कहीं ज्यादा हो सकती है? इसी सवाल का जवाब पाने के लिए उन्होंने सामान्य नौकरी तलाशने के बजाय एक अलग रास्ता चुना।
सीधे कंपनी के CMO को भेज दिया मैसेज
विशाल ने एक B2B कंपनी के CMO को LinkedIn पर Cold Message और ईमेल भेजा। मकसद नौकरी मांगना नहीं, बल्कि बातचीत शुरू करना था। कुछ दिनों के भीतर ही उन्हें जवाब मिल गया। इसके बाद बातचीत आगे बढ़ी और मामला कई राउंड के इंटरव्यू तक पहुंच गया। हालांकि, इंटरव्यू का अनुभव विशाल के लिए बिल्कुल आसान नहीं था।
फाइनल इंटरव्यू के बाद लगा था शायद मौका हाथ से गया
अंतिम बातचीत कंपनी के CMO के साथ हुई। विशाल के मुताबिक, इस दौरान कई सवालों के जवाब वह ठीक तरह से नहीं दे पाए। इंटरव्यू खत्म होने के बाद उन्हें खुद भी लगा कि शायद उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट अभी बाकी था।
जिस ऑफर की उम्मीद नहीं थी, वही सामने आ गया
इंटरव्यू के बाद कंपनी ने विशाल को ₹17 लाख सालाना के पैकेज का ऑफर दिया। यानी उनकी उस समय की ₹6 लाख सालाना कमाई के मुकाबले करीब तीन गुना। विशाल के लिए यह फैसला चौंकाने वाला था। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इंटरव्यू में कुछ सवालों के जवाब न दे पाने के बावजूद कंपनी ने उन्हें क्यों चुना।
CMO ने बताया आखिर उनमें क्या खास दिखा
इस सवाल का जवाब उन्हें बाद में खुद CMO से मिला। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि उन्हें विशाल की सीखने की इच्छा, उत्साह और जिज्ञासा प्रभावित कर गई थी। उनका मानना था कि अगर किसी व्यक्ति में सीखने और समस्याओं को हल करने का सही रवैया है, तो वह कुछ महीनों में अपनी जानकारी की कमियों को दूर कर सकता है। यानी इस बार नौकरी सिर्फ इस आधार पर नहीं मिली कि उम्मीदवार पहले से कितना जानता था, बल्कि इस बात पर भी मिली कि वह कितना सीखने को तैयार था।
₹17 लाख का ऑफर मिला, फिर भी नहीं की नौकरी
दिलचस्प बात यह है कि विशाल ने आखिरकार ₹17 लाख का ऑफर स्वीकार नहीं किया। उन्होंने एक दूसरी opportunity चुनी, जिसमें Remote Work और ज्यादा flexibility मिल रही थी। फिर भी यह इंटरव्यू उनके करियर में एक बड़ा मोड़ बन गया।
एक इंटरव्यू ने बदल दी खुद को देखने की नजर
विशाल के मुताबिक, इस अनुभव ने उन्हें यह भरोसा दिया कि वह अपनी कल्पना से कहीं बड़े अवसरों के लिए तैयार हो सकते हैं। इसी आत्मविश्वास ने बाद में उन्हें करियर में बड़े जोखिम लेने के लिए प्रेरित किया। आज वह एक मार्केटिंग एजेंसी और AI स्टार्टअप चला रहे हैं। उनका मानना है कि अगर उस समय CMO ने उनकी क्षमता पर भरोसा नहीं जताया होता, तो शायद आगे की उनकी पेशेवर यात्रा भी अलग होती।