Mahua, Swadeshi Drink: सिंगल माल्ट व्हिस्की और क्राफ्ट जिन के बाद अब एक और स्वदेशी ड्रिंक बार-पार्टियों में खलबली मचाने वाली है, या यूं कहें कि इसने शुरुआत कर ही दी है। करीब डेढ़ सौ वर्षों से बदनामी का दंश झेल रही महुआ जब प्रीमियम बनी तो एक-एक बोतल की कीमत ₹1 लाख से अधिक रखी गई। सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि विदेशी में इसकी धूम मच रही है। इससे पहले महुआ के पेड़ के मीठे और गूदेदार फलों से बनाई जाने वाली इसकी शराब सदियों से मध्य और पूर्वी भारत के आदिवासी बनाते रहे हैं। लंबे समय तक इसे अवैध देसी शराब के तौर पर देखा गया। अंग्रेजों के बनाए कानून ने इसका उत्पादन सीमित कर दिया और आजादी के बाद भी कलंक के तौर पर बनी रही। हालांकि अब प्रीमियम क्राफ्ट डिस्टिलरी कंपनियों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय ड्रिंक एक्सपर्ट्स विशेषज्ञों की बढ़ती दिलचस्पी से संकेत मिल रहा है कि सिंगल माल्ट व्हिस्की और क्राफ्ट जिन के बाद एक और स्वदेशी पेय ऊंचाईयों पर चढ़ने को तैयार है।
