फैमिली गैदरिंग्स यानि पारिवारिक समारोह में रिश्तेदारों के साथ बातचीत, पुरानी यादें, गपशप आम बात है। लेकिन अगर एकदम से सैलरी, सेविंग्स और शादी का टॉपिक डिस्कस होने लगे तो सिचुएशन थोड़ी अजीब हो जाती है। व्यक्ति असहज और खुद को फंसा हुआ महसूस करने लगता है। ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली के एक इंसान के साथ, जो अपने चचेरे भाई के बेटे के दूसरे जन्मदिन पर एक छोटे से पारिवारिक समारोह में गया था। व्यक्ति ने पूरा वाकया रेडिट पर एक पोस्ट में शेयर किया है।
पोस्ट में यूजर ने लिखा है, पारिवारिक समारोह में पहले तो माहौल बिलकुल सामान्य था। कुछ करीबी रिश्तेदार थे, खाना-पीना, और नॉर्मल बातचीत। फिर यूजर की मुलाकात अपने कुछ अंकल्स से हुई। नमस्ते, हालचाल पूछे जाने के बाद एक अंकल ने यूजर को बड़े ही कैजुअल अंदाज में पूछा, "तो बेटा, अभी कितना कमा लेते हो?" इस सवाल पर यूजर थोड़ा चौंक गया और उसने सवाल को टालने की कोशिश करते हुए कहा, "बस पेट पानी हो जाता है अंकल।" उसे लगा कि यह टॉपिक यहीं खत्म हो जाएगा और बातचीत आगे बढ़ जाएगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
वहीं खड़े बाकी अंकल्स ने यूजर को सैलरी के टॉपिक पर ही छेड़ना जारी रखा। खुद को ऐसा घिरा हुआ पाकर यूजर थोड़ा सामाजिक दबाव में आ गया और वह माहौल को खराब नहीं करना चाहता था। इसलिए उसने अपनी सैलरी बता दी। कहा कि वह लगभग 60 लाख रुपये सालाना कमाता है।
फिर एक के बाद एक सवालों की बौछार
यूजर ने ऐसा बोल तो दिया लेकिन तुरंत ही उसे पछतावा हुआ क्योंकि आगे और सवालों की झड़ी लग गई। जैसे कि तुम कितना बचाते हो? तुम कहां निवेश कर रहे हो? क्या तुम्हारा अपना फ्लैट है? क्या तुम किराए पर रहते हो? तुम कौन सी कार चलाते हो? क्या तुम विदेश जाने की सोच रहे हो? तुम्हारी लॉन्ग टर्म प्लानिंग क्या है?
देखते ही देखते रिश्ता भी होने लगा डिस्कस
इसके बाद जो सवाल आया, उसने यूजर को और भी असहज कर दिया। अंकल्स में से एक ने कहा, "बेटा, एक लड़की है। बहुत अच्छी है। खूबसूरत है, पढ़ाई लिखाई भी बढ़िया की है। शादी का सोचा है क्या?” यह सवाल सुनते ही यूजर को समझ नहीं आया कि एक बच्चे की जन्मदिन पार्टी अचानक से फाइनेंशियल रिव्यू और फिर संभावित अरेंज मैरिज की बात पर कैसे पहुंच गई। यूजर का कहना है कि हालांकि वह जानता है कि उसके उन अंकल्स के मन में कुछ बुरा नहीं था, न ही वह जानबूझकर दखलंदाजी कर रहे थे। उनका खुशी, गर्व, दिलचस्पी दिखाने का शायद यही तरीका है। लेकिन यूजर अचानक से बदले इस माहौल में बेहद असहज महसूस करने लगा।
पोस्ट में आगे लिखा है कि सैलरी, फाइनेंस, शादी ये सब ऐसे सब्जेक्ट हैं जिन्हें ज्यादातर लोग पर्सनल मानते हैं। लेकिन भारत में बिना किसी संदर्भ या संवेदनशीलता के पारिवारिक समारोहों में इन टॉपिक्स को यूं ही छेड़ दिया जाता है। अगर आप जवाब देने से बचने या फिर नपा तुला जवाब देने की कोशिश करते हैं, तो आपको असभ्य या टालमटोल करने वाला समझा जाता है।
जितनी ज्यादा कमाई, उतना बड़ा कद और सम्मान
यूजर ने इस वाकये के दौरान यह भी महसूस किया कि हमारी संस्कृति में किसी व्यक्ति की कीमत, उसकी कमाई और उसके द्वारा जमा की गई संपत्ति के बेसिस पर होना कितनी सामान्य बात हो चुकी है। अगर आप अच्छा कमा रहे हैं तो आपको अचानक से ज्यादा सम्मान मिलने लगता है। आपका कद अचानक से लोगों के बीच बढ़ जाता है।
यूजर ने पोस्ट के अंत में लिखा है कि वह जानना चाहता है कि दूसरे लोग इन हालातों को कैसे संभालते हैं। क्या इनसे बचने का कोई सम्मानजनक तरीका है? क्या कोई नपा तुला जवाब देकर ऐसे टॉपिक्स से आगे बढ़ने का कोई तरीका है?
पोस्ट पर कई कमेंट्स हैं। एक यूजर ने लिखा है कि ऐसे सवाल इसलिए पूछे जाते हैं ताकि यह तय किया जा सके कि आपको कितनी इज्जत देनी है। एक दूसरे यूजर ने लिखा, 'भाई किडनैप हो जाएगा।' एक और यूजर का कमेंट है, 'अगली बार से कह देना कि नहीं बताऊंगा।'