ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों के लिए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मिंत्रा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। युवक ने उसने ईयरफोन मंगाए थे, लेकिन डिलीवरी के बाद जब पैकेट खोला तो उसके अंदर प्रोडक्ट ही नहीं था। व्यक्ति के मुताबिक, बाहर का पैकेट पूरी तरह सील था और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ के निशान भी नहीं थे। व्यक्ति का X पर किया गया ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने इस पर अपना रिएक्शन भी दिया है।
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
कस्टमर ने अपनी पोस्ट में लिखा, "सिर्फ 30 मिनट से भी कम समय में किसी ग्राहक के साथ धोखा हो सकता है।" उसने बताया कि 30 जून को रात करीब 8:27 बजे चेन्नई स्थित उसके घर पर ईयरफोन की डिलीवरी हुई। पैकेट मिलने के तुरंत बाद उसने अनबॉक्सिंग का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। उसके अनुसार, बाहर का पैकेट पूरी तरह सील था और उसमें छेड़छाड़ के कोई निशान नहीं थे, लेकिन अंदर मौजूद प्रोडक्ट का बॉक्स पहले से खुला हुआ था और उसमें ईयरफोन नहीं थे।
पैकेट के अंदर से सामान गायब
उसने अपनी पोस्ट में लिखा, "मैंने तुरंत इस मामले की शिकायत दर्ज कराई और टाइमस्टैम्प वाला अनबॉक्सिंग वीडियो भी शेयर किया, ताकि ये साबित हो सके कि पैकेट डिलीवरी के तुरंत बाद खोला गया था।" लेकिन उसके मुताबिक, सबूत देखने के बजाय मिंत्रा ने यह कहकर शिकायत बंद कर दी कि "प्रोडक्ट डिलीवर हो चुका है।" उसने आगे लिखा, "मुद्दा डिलीवरी का नहीं है, बल्कि यह है कि पैकेट के अंदर से खरीदा गया सामान गायब था।" ग्राहक ने यह भी आरोप लगाया कि हेल्प सेंटर में गलत जानकारी दिखाई गई कि उसे रिप्लेसमेंट प्रोडक्ट मिल गया है, जबकि उसे कोई नया प्रोडक्ट कभी नहीं मिला।
रिफंड की मांग भी खारिज कर दी
बाद में ग्राहक ने दावा किया कि मिंत्रा ने उसकी रिफंड की मांग भी खारिज कर दी। कंपनी की ओर से बताया गया कि प्रोडक्ट की सभी जरूरी जांच की गई थी, उसे सुरक्षित और सीलबंद पैकेज में भेजा गया था तथा डिलीवरी के समय पैकेट से छेड़छाड़ की कोई जानकारी नहीं मिली। उसने अपनी पोस्ट में लिखा, "मैंने कभी यह नहीं कहा कि मिंत्रा के बाहरी पैकेट के साथ छेड़छाड़ हुई थी। मैंने सिर्फ इतना बताया कि अंदर मौजूद प्रोडक्ट का बॉक्स पहले से खुला हुआ था और उसमें ईयरफोन नहीं थे। दोनों बातें बिल्कुल अलग हैं।" ग्राहक ने यह भी बताया कि उसने अब इस मामले की शिकायत उपभोक्ता मामलों के विभाग में कर दी है।
इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी। एक यूजर ने लिखा, "ऑनलाइन खरीदारी पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय बाहर जाकर खुद सामान खरीदना भी बेहतर ऑप्शन हो सकता है।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के लिए मैंने पहले से भुगतान करना बंद कर दिया है। डिलीवरी के दौरान कई तरह की गड़बड़ियां देखने को मिलती हैं। अब मैं कैश ऑन डिलीवरी (COD) का विकल्प चुनता हूं और डिलीवरी एजेंट के सामने ही पैकेट खोलकर सामान जांचता हूं। सही प्रोडक्ट मिलने पर ही उसे स्वीकार करता हूं। पहले भी मुझे खाली बॉक्स, गलत प्रोडक्ट और खराब सामान मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।"