एक शख्स ने सोशल मीडिया पर डाकघर (पोस्ट ऑफिस) जाने का अपना एक्सपीरिएंस शेयर किया। व्यक्ति का शेयर किया गया एक्सपीरिएंश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया कि वहां उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद कई अन्य लोगों ने भी सरकारी दफ्तरों में लंबी कतारें, कर्मचारियों का व्यवहार और सही जानकारी न मिलने जैसी अपनी समस्याएं शेयर कीं। पोस्ट शेयर करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह अपने पिता के खाते से जुड़ा जरूरी काम कराने के लिए पोस्ट ऑफिस गया था। उसे इनकम टैक्स से जुड़े फॉर्म 15H को जमा करना था। लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद भी उसका काम पूरा नहीं हो सका, जिससे वह काफी निराश हो गया।
सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट में यूजर ने लिख, "हर बार जब मैं अपने पिता के अकाउंट से जुड़े काम के लिए पोस्ट ऑफिस जाता हूं, तो मैं उस व्यक्ति को कोसता हूं जिसने मेरे पिता को वहां अकाउंट खोलने का सुझाव दिया था। सच में, स्टाफ बहुत ही बदतमीज है। वे चिल्लाते रहते हैं, मदद नहीं करते, सही जानकारी नहीं देते और सबसे जरूरी बात, उन्हें कुछ नहीं पता।" पोस्ट में बताया गया कि वह पहले एक कर्मचारी के पास गया और पूछा कि फॉर्म कहां जमा करना है।
कर्मचारी ने उसे एक तय काउंटर पर भेज दिया। वहां करीब 30 से 40 मिनट तक लाइन में इंतजार करने के बाद काउंटर पर मौजूद महिला कर्मचारी ने बताया कि अब फॉर्म 15H स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उसकी जगह अब फॉर्म 121 भरकर जमा करना होगा। फिर उस व्यक्ति को नया फॉर्म लेने के लिए दूसरे काउंटर पर भेजा गया। उन्होंने कहा, "लगभग 10 मिनट तक बार-बार उनसे फ़ॉर्म देने के लिए कहने के बाद, उन्होंने आखिरकार इसे साइड टेबल से उठाया और मुझे दे दिया।"
इसके बाद कस्टमर फॉर्म और इसे जमा करने की डेडलाइन के बारे में जानकारी लेने के लिए काउंटर नंबर 6 पर वापस गया। उन्होंने बताया, "फिर मैं काउंटर नंबर 6 पर वापस गया क्योंकि फॉर्म मेरे लिए पूरी तरह से उलझा हुआ था और मैं जानना चाहता था कि मैं इसे कब तक जमा कर सकता हूं। उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लगभग 15 मिनट बाद, उन्होंने बस इतना कहा, 'इसे भरकर सोमवार को जमा कर दो क्योंकि पोस्ट ऑफिस दोपहर 12 बजे बंद हो जाता है।'"
क्यों खुलवाते हैं लोग अकाउंट
अपने एक्सपीरिएंश के बाद उन्होंने लोगों से ये भी पूछा कि आखिर इतने लोग अभी भी पोस्ट ऑफिस में अकाउंट क्यों खुलवाते हैं। उन्होंने बताया, “मैं लाइन में लगे लोगों से पूछता रहा कि इतने सारे लोग अभी भी पोस्ट ऑफिस में अकाउंट क्यों खोलना चाहते हैं, लेकिन किसी के पास इसका जवाब नहीं था। उनमें से ज़्यादातर युवा लोग थे जो अपने माता-पिता की ओर से उनके अकाउंट मैनेज करने आए थे।”
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद पोस्ट ऑफिस की कस्टमर सर्विस को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने अपने साथ हुए ऐसे ही एक्सपीरिएंश भी शेयर किए। एक यूजर ने लिखा, “मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। मैं उस समय इतना फ्रस्ट्रेट हो गया था कि मैंने पोस्टल डिपार्टमेंट से जुड़ी सभी की ईमेल ID गूगल की और एक गुस्से वाला ईमेल लिखा। 2 घंटे के अंदर, मुझे पोस्टमास्टर का कॉल आया और उसी दिन प्रायोरिटी के आधार पर काम हो गया।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह सभी सरकारी ऑफिस और सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों का मामला है। हर काम के लिए कई बार जाना पड़ता है; कोई बस अपनी इज़्ज़त को निगलकर ब्लड प्रेशर की दवा ले सकता है। और फिर हम सोचते हैं कि हमारी सड़कें हमेशा भीड़भाड़ वाली क्यों रहती हैं और हर कोई हर समय इतना ANGRY क्यों दिखता है!” एक यूजर ने लिखा, “मैं अपने ज्यादातर पोस्ट ऑफिस बैंक से जुड़े काम ऑनलाइन करता हूं। ये काफी अच्छा है।”