18 साल अमेरिका में रहने के बाद Meta अधिकारी की भारत वापसी, परिवार के लिए लिया बड़ा फैसला

18 साल अमेरिका में रहने और टेक इंडस्ट्री में सफल करियर बनाने के बाद Meta के वरिष्ठ अधिकारी बालाजी गुरुराजन अपने परिवार के साथ बेंगलुरु लौट आए हैं। उन्होंने यह फैसला माता-पिता के करीब रहने और परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने की इच्छा से लिया। उनकी वापसी की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में है

अपडेटेड Jul 14, 2026 पर 9:39 AM
बालाजी गुरुराजन की कहानी उन हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स से जुड़ती है

विदेश में लंबे समय तक करियर बनाने के बाद भारत लौटने के फैसले अक्सर भावनाओं और जिम्मेदारियों से जुड़े होते हैं। ऐसा ही एक फैसला Meta के वरिष्ठ इंजीनियरिंग लीडर बालाजी गुरुराजन ने लिया है, जिन्होंने करीब 18 साल अमेरिका में बिताने के बाद अपने परिवार के साथ बेंगलुरु वापसी की है। उनका ये कदम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। बालाजी ने बताया कि इस बदलाव के पीछे सिर्फ जगह बदलना नहीं, बल्कि परिवार के करीब रहने और जीवन के महत्वपूर्ण पलों को साथ जीने की इच्छा थी।

अमेरिका में सफल करियर बनाने के बाद भारत लौटने की उनकी कहानी उन कई लोगों से जुड़ती है, जो विदेश में बसने के बाद अपने परिवार और जड़ों की ओर वापस आने पर विचार करते हैं।

'अमेरिका ने करियर दिया, भारत देगा नई शुरुआत'


बालाजी ने LinkedIn पर अपनी वापसी की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि अमेरिका ने उन्हें करियर, दोस्ती और टेक्नोलॉजी व लीडरशिप को समझने का नजरिया दिया। उन्होंने अपने सहयोगियों और मेंटर्स का धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके सफर को बेहतर बनाने में योगदान दिया।

सूटकेस के साथ बदली जिंदगी की दिशा

बालाजी ने अपनी पोस्ट में एयरपोर्ट की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें कई सूटकेस नजर आ रहे थे। उन्होंने लिखा कि 18 साल की जिंदगी समेटकर एक नए सफर की शुरुआत करना भावुक करने वाला अनुभव है। बेंगलुरु लौटने के बाद घर, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की नई व्यवस्था संभालना उनके लिए एक अलग तरह की चुनौती बन गया है।

विदेश से भारत लौटना सिर्फ जगह बदलना नहीं

उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश में लंबे समय तक रहने के बाद वापस आना सिर्फ पता बदलना नहीं होता, बल्कि जीवन जीने का तरीका भी बदल जाता है। हालांकि उन्होंने इस बदलाव को मुश्किल होने के साथ-साथ बेहद सकारात्मक और सीख देने वाला अनुभव बताया।

भारत लौटकर शुरू किया नया AI प्रोजेक्ट

नई शुरुआत के बीच बालाजी ने एक साइड प्रोजेक्ट ‘Bhavitta’ भी लॉन्च किया। यह ऐप उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो अलग-अलग देशों, करेंसी और टैक्स सिस्टम के बीच अपनी आर्थिक योजनाएं संभालते हैं। उन्होंने बताया कि इसे AI मॉडल Claude की मदद से तैयार किया गया है।

LinkedIn पर छिड़ी विदेश से वापसी की बहस

बालाजी की पोस्ट पर कई प्रोफेशनल्स ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने भी अमेरिका से भारत लौटने का फैसला माता-पिता और परिवार के लिए लिया था। कई यूजर्स ने माना कि विदेश में वर्षों तक करियर बनाने के बाद देश वापसी सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि जीवनशैली में बड़ा बदलाव भी होती है।

'माता-पिता के लिए लौटने' वाली सोच पर उठे सवाल

हालांकि हर प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं रही। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब माता-पिता को सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब लोग विदेशों में व्यस्त रहते हैं और बाद में उनके साथ समय बिताने की बात करते हैं। इसके बावजूद कई लोगों ने बालाजी के फैसले को व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और परिवार के महत्व से जोड़कर देखा।

18 साल बाद घर वापसी, लेकिन कहानी कई लोगों जैसी

बालाजी गुरुराजन की कहानी उन हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स से जुड़ती है, जो विदेशों में सफल करियर बनाने के बाद परिवार और जीवन के अगले पड़ाव के लिए भारत लौटने पर विचार करते हैं। उनके लिए यह वापसी सिर्फ एक देश बदलना नहीं, बल्कि जिंदगी की प्राथमिकताओं को फिर से तय करना है।

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