माइक्रोसॉफ्ट के एक कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने लिखा कि उन्हें लगता है कि आने वाली लेऑफ में उनका नाम भी शामिल हो सकता है। वहीं कंपनी ने अभी तक आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में बताया कि दफ्तर में पिछले कुछ समय से ऐसे कई संकेत मिल रहे थे, जिनसे उन्हें अंदाजा हो गया था कि उनकी नौकरी खतरे में है। इस पोस्ट पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।
पोस्ट के मुताबिक काम करने के तरीके में बदलाव, प्रोजेक्ट्स का दूसरी टीमों को सौंपा जाना और मैनेजर की ओर से पहले जैसी बातचीत या प्रतिक्रिया न मिलना इस बात की ओर इशारा कर रहा था कि उनकी भूमिका खत्म की जा सकती है।
कर्मचारी ने बताया कि, उन्हें पहले ही उनके नियमित प्रोजेक्ट से अलग कर दिया गया था और अब उनके मैनेजर की ओर से भी पहले जैसी बातचीत या मार्गदर्शन नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि दफ्तर में हो रहे इन बदलावों को लेकर उनके सहकर्मी भी असमंजस में थे और किसी को स्पष्ट रूप से यह नहीं पता था कि आखिर इन फैसलों के पीछे क्या वजह है। कर्मचारी ने लिखा, "मेरे मैनेजर को 30 तारीख को लेऑफ लिस्ट मिल रही है। लेकिन मुझे पता है कि मुझे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।" उन्होंने बताया कि काम पर अनिश्चितता महीनों से चल रही थी और मानसिक रूप से थका देने वाली हो गई थी।
अफवाहें मेंटली थका देती है
उनके मुताबिक लगातार रीस्ट्रक्चरिंग और छंटनी की चर्चाओं के कारण काम पर ध्यान लगाना और खुद को सुरक्षित महसूस करना मुश्किल हो गया था। उन्होंने लिखा, "और सच कहूं तो? मुझे राहत महसूस हो रही है। इसलिए नहीं कि नौकरी छूटना मजेदार है। इसलिए नहीं कि मार्केट बहुत अच्छा है। इसलिए नहीं कि मैंने सब कुछ समझ लिया है। मुझे राहत इसलिए मिल रही है क्योंकि अनिश्चितता आखिरकार खत्म हो रही है।" उनके मुताबिक कंपनी में छंटनी की अफवाहें, बार-बार होने वाले बदलाव, कामकाज में सुधार की चर्चाएं और अच्छे कर्मचारियों को जाते देखना मानसिक रूप से काफी थका देने वाला रहा। उन्होंने कहा कि हर कुछ महीनों में यह डर बना रहता था कि अगली बारी कहीं उनकी तो नहीं होगी।
लेऑफ होने पर कैसा होगा इमोशन
उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे माहौल में रहना इसे छोड़ने से भी ज्यादा बुरा लगने लगा था। "किसी समय आप लेऑफ होने की चिंता करना बंद कर देते हैं और इस बात की चिंता करने लगते हैं कि यहं रहने से आपका क्या होगा।" कर्मचारी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि लेऑफ ऑफिशियली होने के बाद उनकी भावनाएं कैसी होंगी। उन्होंने लिखा, “हो सकता है कि जब यह असल में होगा, तब भी मुझे अलग तरह से महसूस हो। लेकिन अभी, एक नई शुरुआत की संभावना एक और साल की अनिश्चितता से बेहतर लग रही है। क्या कोई और उस पॉइंट तक पहुंचा है?”
सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए। एक यूजर ने लिखा, “मेरे साथ ऐसा तब हुआ जब मैं कोविड से प्रभावित इंडस्ट्री में था। अपने रोल की वजह से मुझे ऐसी जानकारी थी जो दूसरों को नहीं थी (इसलिए मुझे फाइनेंशियल बातें पता थीं और यह भी कि कंपनी शायद टिक न पाए) और फिर मैंने अपने मैनेजर को एक माइक्रोमैनेजर के हाथों खो दिया। मुझे जाने में राहत मिली।” दूसरे व्यक्ति ने कमेंट लिखा, “जब आप नर्ड्स को मैनेज करने के लिए साइकोपैथ्स का एक झुंड लाते हैं तो यही होता है।”
एक व्यक्ति ने आगे कहा, “अभी अमेरिका में हर कॉर्पोरेशन में यही हो रहा है। और वे “प्रोफिशिएंसी को ऑप्टिमाइज करने” जैसी बकवास करते हैं। असल में यह अपने शेयरहोल्डर्स को खुश करने के लिए कॉस्ट कटिंग है।”