बारिश शुरू होते ही सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे खेतों, बगीचों, खाली प्लॉट और घरों के आसपास रहने वाले लोगों में चिंता भी बढ़ जाती है। इस मौसम में नमी और जलभराव के कारण सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर आ जाते हैं, जिससे उनका इंसानों से सामना होने का खतरा ज्यादा हो जाता है। इसी समस्या को देखते हुए अब तकनीक ने भी एक मददगार रास्ता निकाला है। एक खास मोबाइल ऐप लोगों को उन इलाकों के बारे में जानकारी देता है जहां पहले सांप देखे जा चुके हैं। इससे लोग पहले से सतर्क रह सकते हैं और अनजाने जोखिम से बच सकते हैं।
हालांकि यह ऐप किसी भी जगह पर सांप की मौजूदगी की पुष्टि या भविष्यवाणी नहीं करता, बल्कि सिर्फ यूजर्स द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर जागरूकता फैलाने और सुरक्षा बढ़ाने का काम करता है।
Big 4 Mapper (अब कई जगह SERPENT by Indiansnakes के नाम से उपलब्ध) मैप और GPS तकनीक का इस्तेमाल करती है। अगर किसी यूजर को किसी स्थान पर सांप दिखाई देता है, तो वह उसकी लोकेशन ऐप पर दर्ज कर सकता है। इसके बाद उसी इलाके में रहने या आने वाले अन्य लोगों को भी यह जानकारी मिल जाती है, जिससे वे अतिरिक्त सावधानी बरत सकते हैं।
किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी?
यह ऐप खासतौर पर किसानों, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों, जंगल के आसपास रहने वालों, ट्रैकिंग करने वालों और रात के समय बाहर निकलने वालों के लिए मददगार हो सकती है। मानसून में सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं, ऐसे में पहले से जानकारी मिलना जोखिम कम करने में सहायक हो सकता है।
सांप की पहचान सीखने में भी मदद
ऐप में कई प्रजातियों के सांपों की तस्वीरें और उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है। इससे लोग जहरीले और गैर-जहरीले सांपों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। हालांकि किसी भी अज्ञात सांप के पास जाने, उसे छूने या पकड़ने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
सांप काट ले तो सबसे पहले क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो केवल ऐप के भरोसे न रहें। बिना समय गंवाए मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। विषैले सांप के काटने पर समय पर इलाज और एंटी-स्नेक वेनम ही सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है। कुछ ऐप प्राथमिक उपचार संबंधी जानकारी दे सकते हैं, लेकिन वे डॉक्टर या अस्पताल का विकल्प नहीं हैं।
तकनीक के साथ सावधानी भी जरूरी
बारिश के मौसम में घर और आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई करें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें, खेतों में काम करते समय ऊंचे जूते पहनें और किसी झाड़ी, पत्थर या लकड़ी के नीचे हाथ डालने से पहले अच्छी तरह जांच लें। तकनीक आपकी मदद जरूर कर सकती है, लेकिन सतर्कता और सही समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है।