मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। नैनगांव गांव की रहने वाली रजनी सिंगाराम को गर्भावस्था के सातवें महीने में अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार घबराकर उसे इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही हालात बिगड़ गए।
