बाजार में ऐसी कई स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम मौजूद हैं जो कुछ ही दिनों में गोरा और बेदाग रंग देने का दावा करती हैं। आकर्षक विज्ञापनों और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। लेकिन हर चमकदार पैकेज के पीछे सुरक्षित उत्पाद हो, यह जरूरी नहीं है। हाल ही में एक मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिना जांचे-परखे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर आंख मूंदकर भरोसा करना सही है। इस घटना के बाद स्किन-केयर प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, उनमें इस्तेमाल होने वाले रसायनों और ऑनलाइन बिकने वाले कॉस्मेटिक सामान की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
