Pakistani Student Aliza Microsoft Internship: क्या कोई स्टूडेंट इंटर्नशिप के दौरान ही सालाना 30 लाख रुपये का पैकेज पा सकता है? सुनने में यह किसी सपने जैसा लगता है, लेकिन एक पाकिस्तानी छात्रा ने इस सपने को सच कर दिखाया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों अलीजा उप्पल नाम की इस लड़की की कामयाबी की कहानी का वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसने टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के लंदन ऑफिस में सीधे एंट्री मार ली है।
जैसे ही अलीजा का यह सक्सेस सीक्रेट इंटरनेट पर सामने आया, दुनिया भर के युवाओं के बीच सनसनी मच गई। वैसे जहां एक तरफ लोग उनकी इस बेमिसाल कामयाबी से प्रेरणा ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लंदन जैसे महंगे शहर के खर्चों को लेकर इस भारी-भरकम सैलरी पर एक नई बहस भी छिड़ गई है। आइए जानते हैं अलीजा ने ऐसा क्या किया कि माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनी ने दे दिया इतना बड़ा ऑफर।
कैसे मिली माइक्रोसॉफ्ट में एंट्री? Aliza ने खोला राज
माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड एंड एआई के डायरेक्टर हमजा चिश्ती ने अलीजा के साथ बातचीत का एक वीडियो शेयर किया है। अलीजा फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट के लंदन ऑफिस में 12 महीने के 'प्लेसमेंट प्रोग्राम' पर काम कर रही हैं। जब अलीजा से पूछा गया कि इतने कड़े कॉम्पिटिशन के बावजूद उनका सिलेक्शन कैसे हुआ, तो उन्होंने एक बहुत ही काम का सीक्रेट फॉर्मूला बताया।
अलीजा ने कहा, 'माइक्रोसॉफ्ट में अप्लाई करने से पहले मैंने जानबूझकर अलग-अलग कंपनियों में 4 से 5 इंटर्नशिप्स की थीं। इसकी वजह से मेरा प्रोफाइल बाकी उम्मीदवारों से बिल्कुल अलग और मजबूत दिखने लगा'।
कैसा था इंटरव्यू का प्रोसेस?
करियर बनाने वाले युवाओं के लिए अलीजा ने अपने इंटरव्यू का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट में भर्ती की प्रक्रिया रोल के हिसाब से अलग हो सकती है, लेकिन उनके मामले में यह काफी कड़ा था। अलीजा को बैक-टू-बैक 3 इंटरव्यू राउंड से गुजरना पड़ा, जिसके बाद उनका चयन हुआ।
माइक्रोसॉफ्ट में क्या काम करती हैं अलीजा?
अलीजा के मुताबिक, उनका एकेडमिक बैकग्राउंड 'बिजनेस एनालिटिक्स' में है, जिसने उन्हें इस रोल के लिए जरूरी स्किल्स सीखने में मदद की। फिलहाल वह माइक्रोसॉफ्ट के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। उनका मुख्य काम पूरे यूनाइटेड किंगडम में एआई जागरूकता और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स को बढ़ावा देना है।
पैकेज को लेकर इंटरनेट पर छिड़ गई बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं। एक यूजर ने लिखा, 'जब हम अलीजा जैसे असली लोगों को माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी में अपनी जगह बनाते देखते हैं, तो अपनी जर्नी में संघर्ष कर रहे बाकी छात्रों को भी एक नई उम्मीद मिलती है'।
इसके साथ ही कई यूजर्स का मानना है कि लंदन जैसे दुनिया के सबसे महंगे शहरों में से एक के लिए यह रकम बहुत कम है। एक यूजर ने कमेंट किया, 'लंदन के हिसाब से 18k से 24k पाउंड बहुत ज्यादा नहीं हैं। यह तो लगभग मिनिमम वेज के बराबर है, माइक्रोसॉफ्ट को और बेहतर पे करना चाहिए'। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि इस पैसे का बड़ा हिस्सा तो लंदन में सिर्फ कमरा किराए पर लेने में ही निकल जाएगा।