सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ ना कुछ वायरल होते ही रहता है। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर नोएडा से दिल्ली के बीच कैब से सफर कर रहे एक पैसेंजर का एक्सपीरिएंस तेजी से वायरल हो रहा है। कैब से ट्रैवल कर रहे पैसेंजर ने आरोप लगाया कि सफर के दौरान ड्राइवर गाड़ी चलाते समय अपने मोबाइल पर टीवी शो देख रहा था। इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने इस तरह की लापरवाही पर चिंता जताते हुए कैब कंपनियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
व्यक्ति ने इस घटना को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया है। इसके साथ उन्होंने लिखा है कि ऐसी गंभीर शिकायतों पर कैब सेवा देने वाली कंपनियां किस तरह कार्रवाई करती हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। ये पोस्ट X यूजर Dreams_realites ने शेयर की, जिन्होंने दावा किया कि ये घटना नोएडा से दिल्ली के सफर के दौरान हुई। अपना एक्सपीरिएंश बताते हुए यूजर ने लिखा, "45 डिग्री की गर्मी में चलती ओला कैब में ड्राइवर ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ देख रहा था। मैं अपनी पत्नी और छोटे भाई के साथ नोएडा से दिल्ली जा रहा था।"
व्यक्ति ने आगे बताया कि उसने ड्राइवर से शो बंद करने और गाड़ी चलाने पर ध्यान देने के लिए कहा। उसने लिखा, "मैंने प्यार से कहा, 'भैया, स्क्रीन बंद कर दो और ड्राइविंग पर ध्यान दो।'"
ड्राइवर ने जवाब दिया, "अगर आपको इससे परेशानी है, तो आप कैब से उतर सकते हैं।" यूजर ने आगे लिखा, "45 डिग्री की गर्मी में परिवार के साथ हाईवे पर फंसे होने की स्थिति में हम कुछ नहीं कर सके और चुपचाप सफर जारी रखना पड़ा। सवाल यह है कि उबर और ओला जैसी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा की कितनी अहमियत है? क्या यह सिर्फ रेटिंग और कागजी नियमों तक ही सीमित है?" पोस्ट पर कई लोगों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने अपना रिएक्सन दिया है। एक यूजर ने लिखा, "सड़क की बजाय स्क्रीन पर ध्यान देना 45 डिग्री की गर्मी से भी ज्यादा खतरनाक है। किसी भी कैब सेवा के लिए यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, सिर्फ रेटिंग नहीं।" दूसरे यूजर ने लिखा, "यह सिर्फ लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। किसी भी व्यक्ति को सफर के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए।" वहीं एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, "यह पूरी तरह गलत व्यवहार है। गाड़ी चलाते समय वीडियो देखना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, सिर्फ कम रेटिंग देना काफी नहीं है।"