खुशबू का शाही सफर, ऐसे बना परफ्यूम राजघरानों से आम लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा!

आज परफ्यूम सिर्फ खुशबू नहीं, बल्कि लोगों की पर्सनैलिटी और लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। इसकी शुरुआत हजारों साल पहले हुई थी, जब इसका इस्तेमाल शाही परिवारों और खास मौकों तक सीमित था। समय के साथ इसकी दुनिया में कई बदलाव आए और आज हर तरह के परफ्यूम बाजार में उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं परफ्यूम के इतिहास, इसके विकास और इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में।

अपडेटेड Jul 17, 2026 पर 7:00 AM

खुशबू का रिश्ता इंसान से हजारों साल पुराना है। आज परफ्यूम हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है, लेकिन कभी यह सिर्फ राजाओं, रानियों और शाही परिवारों की शान माना जाता था। आइए जानते हैं 4,000 साल पुराने परफ्यूम के इतिहास और उसके दिलचस्प सफर के बारे में:

करीब 4,000 साल पुराना है परफ्यूम का इतिहास

इतिहासकारों के अनुसार, परफ्यूम की शुरुआत प्राचीन मेसोपोटामिया, मिस्र और सिंधु सभ्यता के समय मानी जाती है। उस दौर में फूलों, सुगंधित तेलों, राल, लकड़ी और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से खुशबू तैयार की जाती थी। इनका इस्तेमाल सिर्फ शरीर को महकाने के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और शाही समारोहों में भी किया जाता था। उस समय सुगंधित पदार्थ बेहद कीमती माने जाते थे, इसलिए ये सिर्फ संपन्न और शाही परिवारों तक ही सीमित थे।


राजाओं और रानियों की शान हुआ करता था परफ्यूम

प्राचीन मिस्र में खुशबू का खास महत्व था। माना जाता है कि राजा और रानी खास मौकों पर सुगंधित तेलों और इत्र का इस्तेमाल करते थे। कई हिस्टोरिकल अकाउंट में बताया गया है कि शाही दावतों के दौरान सिर पर सुगंधित वैक्स रखा जाता था, जो शरीर की गर्मी से पिघलकर धीरे-धीरे पूरे शरीर में खुशबू फैलाता था। वहीं प्राचीन रोम और यूनान में नहाने के बाद इत्र लगाना रॉयल लाइफस्टाइल और सोशल प्रेस्टीज का प्रतीक माना जाता था।

अरब देशों ने बदली परफ्यूम बनाने की टेक्निक

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समय के साथ परफ्यूम बनाने का आर्ट भी डेवलप होता गया। अरब देशों के विद्वानों ने फूलों और पौधों से खुशबू निकालने की आसवन (Distillation) टेक्निक को बेहतर बनाया। इस टेक्निक की मदद से बड़ी मात्रा में और बेहतर क्वालिटी वाले परफ्यूम तैयार किए जाने लगे। इसी वजह से परफ्यूम का यूज धीरे-धीरे अलग-अलग देशों में फैलने लगा।

फ्रांस बना परफ्यूम की राजधानी

आसवन टेक्निक के डेवलपमेंट के बाद यूरोप में परफ्यूम इंडस्ट्री तेजी से बढ़ा। फ्रांस ने इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा पहचान बनाई और धीरे-धीरे दुनिया की 'परफ्यूम कैपिटल' के रूप में मशहूर हो गया। आज भी फ्रांस के कई शहर अपने ग्लोबल लेवल परफ्यूम, लग्जरी ब्रांड्स और खुशबू बनाने के ट्रेडिशनल आर्ट के लिए जाने जाते हैं।

आज हर किसी की पहुंच में है परफ्यूम

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पहले जहां परफ्यूम सिर्फ शाही परिवारों और अमीर लोगों की पहचान था, वहीं आज यह हर वर्ग के लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है। बाजार में अलग-अलग बजट और पसंद के अनुसार फ्लोरल, वुडी, साइट्रस, मसालेदार और फ्रेश फ्रेगरेंस वाले हजारों परफ्यूम उपलब्ध हैं। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के लिए अलग-अलग तरह की खुशबुएं तैयार की जाती हैं, जिससे हर कोई अपनी पसंद के अनुसार परफ्यूम चुन सकता है।

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