एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद प्राची चौधरी की एक खास बात लोगों का ध्यान खींच रही है। उन्होंने बताया कि नागोया जाने से पहले ही DSP की वर्दी के लिए अपनी नाप दे दी थी। यानी मुकाबले से पहले ही उन्होंने अपने अगले लक्ष्य की तैयारी कर ली थी। प्राची के लिए यह गोल्ड सिर्फ एक मेडल नहीं था, बल्कि लंबे समय से देखे जा रहे DSP बनने के सपने से भी जुड़ा था। पिछली बार सिल्वर मिलने के बाद उन्होंने इस बार गोल्ड हासिल करने का मन बना लिया था। अब उनकी यही कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
पिछली बार सिल्वर मिला, तभी बना लिया था प्लान
भारतीय महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने 3:29.69 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। टीम में प्राची के अलावा किरण, पूवम्मा माचेटीरा और विथ्या रामराज शामिल थीं। प्राची ने बताया कि पिछले एशियन गेम्स में उन्हें सिल्वर मेडल मिला था। इसी वजह से वह DSPनहीं बन पाई थीं। इसके बाद उन्होंने तय किया कि अगली बार एशियन गेम्स में लौटेंगी तो हर हाल में गोल्ड जीतेंगी।
घरवालों से पहले ही कह दिया था- वर्दी तैयार रखना
प्राची ने आईएएनएस को बताया कि गेम्स के लिए रवाना होने से पहले ही उन्होंने घर पर अपनी पूरी वर्दी की नाप दे दी थी। उन्होंने परिवार से कहा था कि जब वह वापस आएं तो वर्दी सिलकर तैयार रखी जाए। इससे साफ है कि उनके लिए गोल्ड जीतना सिर्फ एक खेल उपलब्धि नहीं था। इसके पीछे DSP बनने का सपना भी जुड़ा हुआ था।
टीम ने ठान लिया था- इस बार गोल्ड ही चाहिए
गोल्ड जीतने के बाद प्राची ने बताया कि टीम की सभी खिलाड़ियों के मन में इस बार स्वर्ण पदक जीतने की बात थी। पिछले प्रदर्शन के बाद टीम इस बार कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती थी। आखिरकार भारतीय टीम ने शानदार दौड़ लगाई और स्वर्ण अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ प्राची का वह लक्ष्य भी पूरा होता नजर आया, जिसके लिए उन्होंने पिछली हार के बाद खुद को तैयार किया था।
गोल्ड जीतने के बाद भी प्राची रुकना नहीं चाहतीं। उनका ध्यान आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं पर है। वह अपने प्रदर्शन को और बेहतर करना चाहती हैं और आगे देश के लिए और पदक जीतने का लक्ष्य रखती हैं।