अमेरिका की कंपनियों के साथ काम करने वाले कई भारतीय रात की शिफ्ट में काम करते हैं। ज्यादा सैलरी और अच्छे करियर के अवसरों की वजह से लोग ये शिफ्ट चुनते हैं, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक वीडियो में एक व्यक्ति ने यूएस शिफ्ट में काम करने के फायदे और चुनौतियों के बारे में बताया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग इस पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।
वीडियो व्यक्ति ने बताया कि, वह शाम 7:30 बजे से सुबह 4:30 बजे तक काम करते हैं। यह समय उन लोगों के लिए आम है जो अमेरिका में मौजूद टीमों और क्लाइंट्स के साथ काम करते हैं।
व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
पुणे में रहने वाले सायक रॉय ने एक वीडियो में बताया, “भारत से यूएस शिफ्ट (शाम 7:30 बजे से सुबह 4:30 बजे तक) में काम करने के कुछ बड़े नुकसान भी हैं। इससे नींद का समय और उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, क्योंकि जब आप सो रहे होते हैं तब भी रोजमर्रा की जिंदगी चलती रहती है। मोटापा और डाइजेशन जैसी स्वास्थ्य दिक्कतों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, सामाजिक जीवन और रिश्तों को संभालना भी मुश्किल हो सकता है।"
उन्होंने आगे कहा, "मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ सकता है, जिससे एंग्जायटी और मूड में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। रात में लगातार काम करने से आंखों पर दबाव बढ़ता है और शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण दिनभर थकान महसूस हो सकती है।”
कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने नाइट शिफ्ट के फायदे और नुकसान के बारे में बात की है। एक यूजर ने लिखा, “मैं पिछले 5 साल से ज्यादा समय से इस शिफ्ट में काम कर रहा हूं और इसके फायदे व नुकसान दोनों से पूरी तरह सहमत हूं।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “इस शिफ्ट ने मुझे शानदार फिटनेस हासिल करने में मदद की। मैं दो बार मेन्स फिजीक प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुका हूं। मुझे लगता है कि नाइट शिफ्ट काफी शांत और आरामदायक होती है।”
एक यूजर ने लिखा, “हां, सैलरी तो ज्यादा मिलती है, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा बाद में डॉक्टरों पर खर्च हो सकता है। नाइट शिफ्ट हर किसी के लिए नहीं होती।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “मैंने चार महीने तक इस शिफ्ट में काम किया था। इससे मेरी सेहत पर बुरा असर पड़ा और मैं दोबारा ऐसा काम नहीं करना चाहूंगा।”
वहीं एक अन्य यूजर ने नाइट शिफ्ट को लेकर अपनी राय देते हुए लिखा, “इसमें कुछ खास नहीं है। एक साल के भीतर ही शरीर में बड़े बदलाव दिखने लगते हैं। मैं इसके फायदों को मानता हूं, लेकिन मेरे लिए नुकसान ज्यादा हैं। अगर मौका मिले, तो मैं हमेशा यूएस शिफ्ट की बजाय डे शिफ्ट में काम करना पसंद करूंगा।”