राखी का धागा चाहे, रेशम का हो या सूती, उसका दाम नहीं भावना मायने रखती है। लेकिन आज के दौर में भावना के साथ-साथ दाम की भी अहमियत बढ़ गई है। तभी तो पटना बाजार में लाखों रुपये के मूल्य वाली राखियों का बोल-बाला है। ये अब भावना का नहीं रुतेब, हैसियत और अमीरी का प्रतीक बन गई हैं। कम से कम पटना के सर्राफा बाजार में बिकने वाली राखियां तो यही कहानी सुना रही हैं।
बता दें कि इस साल 22 कैरेट सोने का भाव पिछले साल के मुकाबले 20% से ज्यादा बढ़ चुका है। चांदी का भी कमोबेश यही हाल है। इसके बावजूद इस तरह की राखियों की खास मांग है। पटना के चर्चित हीरा-पन्ना ज्वेलर के पास 800 रुपये से 2500 रुपये में स्टोन जड़ी राखियां मौजूद हैं, जबकि सोने की राखी एक से दो लाख रुपये तक की है। कई बहनें अपने भाइयों के लिए 2.5 लाख रुपये से 5.5 लाख रुपये तक हीरे जड़े राखी ब्रेसलेट भी बड़े चाव से खरीद रही हैं। हर साल बाजार में एक से बढ़कर एक डिजाइनर राखियां आती हैं। चांदी-सोने की राखियों का चलन भी कोई नया नहीं है। लोग काफी पहले से अपने प्रेम के प्रतीक के रूप में ये खरीदते आए हैं।
पटना के सर्राफा बाजार में अलग-अलग डिजाइन वाली आभूषण राखियों का कलेक्शन है। लोग अपनी जेब और जरूरत के हिसाब से सोने, चांदी और हीरे जड़ित राखियां खरीद रहे हैं। पटना के चर्चित हीरा-पन्ना ज्वेलर ने इस बार बाजार के मूड को देखते हुए हीरे जड़ी राखियां पेश की हैं। इन्हें देख कर लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि ये राखी बांधें या बैंक के लॉकर में सुरक्षित रख दें।
हीरा-पन्ना की श्रद्धा केसरी का कहना है कि इस राखी को लोग अपनी शोहरत में चार चांद लगाने के लिए खासतौर से खरीद रहे हैं। यूं तो इस साल उन्होंने आभूषण राखियों का काफी बड़ा कलेक्शन पेश किया है, लेकिन इस राखी की बात ही कुछ और है। खास बात ये है कि इन राखियों में कस्टमाइजेशन की भी सुविधा है। ज्वेलर ने हीरे जड़ी राखियों का खास कलेक्शन पेश किया है, जिसमें माइक्रो मोजैक हीरे लगे हैं। ये ब्रेसलेट राखियां देखने में बेहद खूबसूरत हैं।