30 साल पहले फ्रीज किए भ्रूण से जन्मा दुनिया का सबसे ‘बूढ़ा’ बच्चा, जानिए पूरा माजरा

दुनिया का सबसे ‘बूढ़ा’ बच्चा। ये सुनने में जितना अजीब लग रहा है, ये कहानी उतनी की दिलचस्प है। इसे मेडिकल इतिहास का अजूबा कहना गलत नहीं होगा। बच्चे का नाम थेडियस डेनियल पियर्स है। इसका जन्म 26 जुलाई 2025 को ओहायो में हुआ है। आइए जानते हैं इसकी पूरी कहानी

अपडेटेड Aug 04, 2025 पर 9:39 PM

दुनिया का सबसे ‘बूढ़ा’ बच्चा, सच में बूढ़ा नहीं है। दरअसल ये बच्चा जिस भ्रूण से जन्मा है उसे 30 साल पहले विज्ञान की खास तकनीक की मदद से फ्रीज कर दिया गया था। इसका जन्म हाल ही में आहायो में टिम और लिंडसे पियर्स के घर हुआ है। ये दंपत्ति सात साल से अपने बच्चे के लिए कोशिश कर रहा था। उनकी उम्मीद अब धीरे-धीरे निराशा में बदलने लगी थी। लेकिन इसी समय उन्हें स्नोफ्लेक्स प्रोग्राम के बारे में पता चला। दोनों के मन में किसी से भी भ्रूण प्राप्त करने को लेकर कोई दुविधा नहीं थी। इस प्रोग्राम के जरिए उन्हें लिंडा के बारे में पता चला, जिनका भ्रूण उनके घर में खुशियों की सौगात लेकर आया। इसी बच्चे को दुनिया का ‘सबसे बूढ़ा बच्चा’ करार दिया जा रहा है। जानिए ये दिचस्प कहानी

कौन हैं लिंडा और क्या है पियर्स दंपत्ति से संबंध

लिंडा आर्चर्ड नाम की महिला 90 के दशक की शुरुआत में अपने बच्चे के 6 साल से कोशिश कर रही थीं। उस समय आईवीएफ (इन वीट्रो फर्टिलाइजेशन) तकनीक नई थी और इसके बारे में लोगों में काफी सवाल थे। इसके बावजूद लिंडा ने इसे एक मौका दिया और उनके चार अंडे निशेचित हो कर भ्रूण बन गए। एक से उनकी एक बेटी हुई, जो अब काफी बड़ी हो चुकी है और उनका अपना एक बच्चा है। बाकी तीन भ्रूण उस समय फ्रीज (क्रायोप्रिजर्व) कर टैंक में रख दिए गए।

लिंडा उन्हें किसी को यूं ही नहीं देना चाहती थीं। लेकिन इन भ्रूण को संरक्षित रखने के लिए उन्हें हर साल 1000 डॉलर खर्च करना पड़ रहा था। वो इन तीन भ्रूण को ‘मेरी नन्ही उम्मीदें’ कहती हैं। वह किसी अनजान परिवार को देने या इसे नष्ट करने के खिलाफ थीं। वह बस सही समय का इंतजार कर रही थीं। ठीक इसी समय उन्हें भी स्नोफ्लेक्स प्रोग्राम के बारे में पता चला, जिसमें वो भ्रूण प्राप्त करने वाले परिवार से मिल सकती थीं और भविष्य में अगर दोनों रजामंद हों तो बच्चे से भी मिलने का मौका मिल सकता था। इस तरह उन्होंने पियर्स दंपत्ती को अपना भ्रूण दान करने का फैसला किया।

आसान नहीं था 30 साल से फ्रीज भ्रूण को नवजीवित करना

लिंडा ने जब भ्रूण को क्रायोप्रिजर्व किया, तब तकनीक आज की तरह विकसित नहीं थी। लिंडा का भ्रूण एक प्लास्टिक वायल में पुरानी तकनीक के जरिए स्टोर किया गया था। रिजॉइस फर्टिलिटी की एम्ब्रियोलॉजिस्ट सारा एटकिंसन ने बताया कि भ्रूण को नष्ट होने से बचाने के लिए उन्हें विशेष उपकरणों और सुरक्षा गियर का इस्तेमाल किया। तमाम मुश्किलों के बावजूद तीनों भ्रूण सही-सलामत पूनर्जीवित कर लिए गए, जो विज्ञान की भाषा में किसी चमत्कार से कम नहीं है। इनमें से दो को लिंडसे के गर्भ में स्थापित कर दिया गया। एक भ्रूण पूरी तरह विकसित हो कर बेबी थेडियस बना।


क्या है स्नोफ्लेक्स प्रोग्राम

स्नोफ्लेक्स प्रोग्राम भ्रूण गोद लेने या प्राप्त करने का कार्यक्रम है। यह एक क्लाउड आधारित कार्यक्रम है, जिसमें आईवीएफ प्रक्रिया से गुजर रहे या गुजर चुके लोगों का डाटा रखा जाता है। इसे नाइटलाइट क्रिस्चियन एडॉप्शंस नाम की संस्था चलाती है।

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