ऋषिकेश से कम खर्चे में श्रीलंका का ट्रिप! इस शख्स ने होटल से लेकर फ्लाइट तक पूरा खर्चा कैलकुलेट किया

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के बाद ट्रैवल खर्च को लेकर बहस तेज हो गई है। दावा किया गया कि ऋषिकेश की तुलना में श्रीलंका की यात्रा ज्यादा किफायती पड़ती है। इस चर्चा ने लोगों को घरेलू और विदेशी टूरिज्म की कीमतों की तुलना करने पर मजबूर कर दिया है और इंटरनेट पर राय बंट गई है

अपडेटेड Jun 25, 2026 पर 3:40 PM
कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, उसी बजट में श्रीलंका की ट्रिप ज्यादा बेहतर साबित हुई।

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट ने ट्रैवल खर्च और टूरिज्म की कीमतों को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि भारत के लोकप्रिय पर्यटन स्थल ऋषिकेश की तुलना में श्रीलंका जैसी अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन कई मामलों में ज्यादा किफायती और बेहतर वैल्यू फॉर मनी साबित हो सकती हैं। इस बात ने इंटरनेट यूजर्स के बीच चर्चा को और तेज कर दिया है। लोग अब घरेलू और विदेशी यात्रा के खर्चों की तुलना करने लगे हैं और अपने-अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।

कुछ लोग मानते हैं कि भारत में कई टूरिस्ट स्पॉट्स पर कीमतें जरूरत से ज्यादा बढ़ गई हैं, जबकि कुछ का कहना है कि हर जगह का अनुभव अलग होता है और केवल खर्च के आधार पर तुलना करना सही नहीं है। यह पूरा मुद्दा अब एक बड़े ऑनलाइन डिबेट का रूप ले चुका है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? X पोस्ट ने खोला मुद्दा


यह बहस तब शुरू हुई जब कंटेंट क्रिएटर परित्श शर्मा ने X पर एक अनुभव साझा किया। उनके अनुसार, एक दोस्त पहले ऋषिकेश घूमने की योजना बना रहा था, लेकिन होटल और ट्रैवल खर्च देखकर उसने विदेश जाने का फैसला कर लिया।

होटल और फ्लाइट ने बढ़ाया बजट

पोस्ट में बताया गया कि ऋषिकेश में अच्छे होटल के कमरे लगभग ₹9,000 से ₹15,000 प्रति रात तक मिल रहे थे। वहीं मुंबई से दिल्ली की फ्लाइट ही ₹7,000 से ₹8,000 प्रति साइड पड़ रही थी, और आगे का ट्रैवल अलग से जोड़ना पड़ता।

उसी बजट में श्रीलंका बना सस्ता और बेहतर विकल्प

कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, उसी बजट में श्रीलंका की ट्रिप ज्यादा बेहतर साबित हुई। वहां ₹3,000 से ₹5,000 में समुद्र किनारे 5-स्टार होटल मिलने का दावा किया गया, साथ ही शांत वातावरण और साफ-सुथरी जगह का भी जिक्र हुआ।

भारत में टूरिज्म महंगा हो रहा है

पोस्ट में यह भी कहा गया कि भारत में टूरिज्म धीरे-धीरे महंगा होता जा रहा है और अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो लोग विदेश की ओर ज्यादा रुख कर सकते हैं। इस बयान ने ऑनलाइन बहस को और तेज कर दिया।

सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा

इस मुद्दे पर यूजर्स की राय बंट गई। कुछ लोगों ने कहा कि कोविड के बाद डिमांड बढ़ने से कीमतें बढ़ी हैं, जबकि कुछ ने भारत के टूरिज्म को ओवरप्राइस बताया। वहीं कई लोगों ने यह भी कहा कि दोनों जगहों के अनुभव अलग हैं और सिर्फ कीमत के आधार पर तुलना सही नहीं है।

यात्रा खर्च का अनुभव

कुछ यात्रियों ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि भारत में कई जगहों पर लागत ज्यादा और सुविधाएं कम मिलती हैं, जबकि कुछ ने इसे गलत तुलना बताया। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारत में ट्रैवल अब सच में ‘ओवरप्राइस’ हो रहा है?

बेंगलुरु के इस संगीतकार ने 16 पासपोर्ट भर डाले, 245 देशों की यात्रा के बाद इंटरनेट पर छा गए

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।