बारिश से गिरा आंगन का पेड़ और 85 साल के बुजुर्ग एनजी केसरी को बना गया 28 लाख रुपये का मालिक! कैसे लगाएं चंदन का ये बेशकीमती पेड़?

Sandalwood Story : यह कहानी करीब 40 साल पहले की है। एक दिन तेज हवा और बारिश के बाद एक अनजान बीज उनके घर के आंगन में आकर गिर गया। कुछ समय बाद वहां एक छोटा पौधा उग आया। केसरी ने उसे अपने बगीचे के बाकी पौधों की तरह ही संभाला और उसकी देखभाल की। बाद में उन्हें पता चला कि यह कोई साधारण पौधा नहीं, बल्कि कर्नाटक का बहुमूल्य चंदन का पेड़ है

अपडेटेड Jul 07, 2026 पर 6:13 PM
बेंगलुरु के रहने 85 वर्षीय एन. जी. केसरी की किस्मत रातों-रात बारिश ने बदल दी। (AI इमेज)

अक्सर आपने सुना होगा कि एक ही रातों-रात किसी की किस्मत बदल गई, बेंगलुरु में ये कहावत सच होती नजर आई है। बेंगलुरु के रहने 85 वर्षीय एन. जी. केसरी की किस्मत रातों-रात बारिश ने बदल दी। बेंगलुरु में जब भी मॉनसून की तेज बारिश होती है, तो ज्यादातर लोग जलभराव, ट्रैफिक जाम और नुकसान की चिंता करने लगते हैं। एन. जी. केसरी के लिए एक तेज तूफान उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशकिस्मती बन गया।

एक बीज ने बदली किस्मत

यह कहानी करीब 40 साल पहले की है। एक दिन तेज हवा और बारिश के बाद एक अनजान बीज उनके घर के आंगन में आकर गिर गया। कुछ समय बाद वहां एक छोटा पौधा उग आया। केसरी ने उसे अपने बगीचे के बाकी पौधों की तरह ही संभाला और उसकी देखभाल की। बाद में उन्हें पता चला कि यह कोई साधारण पौधा नहीं, बल्कि कर्नाटक का बहुमूल्य चंदन का पेड़ है। समय के साथ पेड़ बड़ा और मजबूत होता गया और उसकी मनमोहक खुशबू पूरे इलाके में फैलने लगी।


मल्लेश्वरम के 17वें क्रॉस स्थित उनके घर के आंगन में लगा चंदन का पेड़ करीब 40 साल तक खामोशी से बढ़ता रहा। जब यह पूरी तरह तैयार हुआ, तो इसी एक पेड़ ने उन्हें करीब 28 लाख रुपये की कमाई कराई। यह दिखाता है कि धैर्य और सही देखभाल का फल कितना बड़ा हो सकता है। हालांकि, चंदन के पेड़ की खुशबू और उसकी कीमत ने सिर्फ लोगों का ही नहीं, बल्कि लकड़ी चोरों का भी ध्यान खींचा। बीते कई वर्षों में चोरों ने इस कीमती पेड़ को काटने की कई बार कोशिश की। पेड़ की सुरक्षा के लिए केसरी ने उसके चारों ओर मजबूत लोहे का जाल लगवा दिया और हमेशा उस पर नजर बनाए रखी।

बारिश से गिरा पेड़

इस साल जून के दूसरे सप्ताह में हुई तेज बारिश और आंधी ने चंदन के पेड़ को नुकसान पहुंचा दिया। तेज हवा के कारण पास का एक बड़ा पेड़ उखड़कर सीधे चंदन के पेड़ और उसके चारों ओर लगे लोहे के सुरक्षा जाल पर गिर गया। इससे चंदन का पेड़ भी गिर गया। शुरुआत में यह एक बड़ा नुकसान लगा, लेकिन बाद में यही घटना उनके लिए बड़ी खुशकिस्मती साबित हुई। केसरी ने कोई गलत रास्ता अपनाने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ का निरीक्षण किया और उसे मैसूरु स्थित सरकारी चंदन डिपो ले जाने की अनुमति दे दी। जांच के बाद पता चला कि चंदन के पेड़ का वजन करीब एक मीट्रिक टन था।

बुजुर्ग के मिले 28 लाख

आखिरकार इस चंदन के पेड़ को कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) ने खरीद लिया। इससे एन. जी. केसरी को करीब 28 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। कई वर्षों तक चंदन के पेड़ की सुरक्षा और देखभाल करने के लिए सरकारी कंपनी ने उन्हें 'चंदन शिरोमणि' सम्मान से भी नवाजा। यह अनोखी घटना एक बार फिर बताती है कि कर्नाटक में चंदन की खेती कितनी फायदेमंद हो सकती है। चंदन के पेड़ की गुणवत्ता और उसमें मौजूद तेल की मात्रा के आधार पर उसकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। एक छोटे से पौधे से शुरू हुई यह कहानी आज धैर्य, मेहनत और अच्छी किस्मत की मिसाल बन गई है।

कैसे लगाएं चंदन का बेशकीमती पेड़?

चंदन का पेड़ दुनिया के सबसे कीमती पेड़ों में गिना जाता है। इसकी लकड़ी और तेल का उपयोग इत्र, दवाइयों, पूजा-पाठ और सौंदर्य प्रसाधनों में होता है। अगर आप चंदन का पौधा लगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाला पौधा किसी प्रमाणित नर्सरी से खरीदें। चंदन का पौधा अच्छी जल निकासी वाली दोमट या हल्की लाल मिट्टी में बेहतर बढ़ता है। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां भरपूर धूप आती हो। पौधा लगाने के लिए लगभग 2 से 3 फीट गहरा गड्ढा तैयार करें और उसमें गोबर की सड़ी हुई खाद मिलाकर पौधा लगाएं।

चंदन एक अर्ध-परजीवी (Semi-Parasitic) पौधा है। इसका मतलब है कि इसकी अच्छी वृद्धि के लिए पास में कोई सहायक पौधा, जैसे अरहर, करंज, नीम, बबूल या अन्य उपयुक्त पेड़ होना जरूरी है। चंदन अपनी जड़ों के माध्यम से इन पौधों से कुछ पोषक तत्व प्राप्त करता है। शुरुआती दिनों में नियमित सिंचाई करें, लेकिन पानी का जमाव बिल्कुल न होने दें। समय-समय पर खरपतवार हटाएं और जैविक खाद का इस्तेमाल करें। उचित देखभाल के साथ चंदन का पेड़ धीरे-धीरे मजबूत होता है और कई वर्षों बाद अच्छी गुणवत्ता की लकड़ी देता है। अगर लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं, तो चंदन की खेती एक अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि, इसे लगाने से पहले अपने राज्य के नियमों और चंदन के पेड़ों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी जरूर लें।

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