Get App

अब ऊंटों के पास भी होगा पासपोर्ट! सऊदी अरब ने क्यों लिया ये अनोखा फैसला?

सऊदी अरब में ऊंटों के लिए पासपोर्ट सिस्टम शुरू करने के पीछे बड़ा मकसद इस सेक्टर को व्यवस्थित और आधुनिक बनाना है। इससे ऊंटों की सही पहचान, मालिकाना हक और स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक जगह दर्ज होंगे। साथ ही खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता आएगी और बीमारियों की निगरानी करना भी आसान होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 08, 2026 पर 1:11 PM
अब ऊंटों के पास भी होगा पासपोर्ट! सऊदी अरब ने क्यों लिया ये अनोखा फैसला?
इस सिस्टम से ऊंटों की खरीद-बिक्री ज्यादा पारदर्शी होगी।

सऊदी अरब ने ऊंटों से जुड़े पूरे सेक्टर को नई पहचान देने की दिशा में एक अहम पहल शुरू की है। देश में अब ऊंटों को भी आधिकारिक पासपोर्ट जारी किए जाएंगे, जिससे उनकी पहचान और रिकॉर्ड को एक व्यवस्थित ढांचे में लाया जा सकेगा। ये कदम सऊदी विजन 2030 के तहत पारंपरिक गतिविधियों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से जोड़ने की सोच को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि इससे ऊंटों से जुड़े व्यापार, पालन और निगरानी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। उप पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री मनसूर अलमुशैती द्वारा घोषित ‘कैमल पासपोर्ट’ सिस्टम को ऊंट उद्योग के लिए एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

इस पहल से न सिर्फ ऊंटों की पहचान आसान होगी, बल्कि उनके स्वास्थ्य और मालिकाना हक से जुड़ी जानकारी भी एक जगह सुरक्षित रह सकेगी। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था भविष्य में ऊंट बाजार और पशुधन प्रबंधन को ज्यादा संगठित और भरोसेमंद बनाएगी।

क्यों शुरू किया गया कैमल पासपोर्ट?

अरब देशों में ऊंट सिर्फ पशु नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और आजीविका का अहम हिस्सा हैं। परिवहन से लेकर व्यापार तक ऊंटों की बड़ी भूमिका है। ऐसे में उनकी पहचान, स्वास्थ्य और मालिकाना हक को लेकर एक मजबूत और भरोसेमंद व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी। कैमल पासपोर्ट इसी जरूरत का नतीजा है, जो हर ऊंट को एक मान्य पहचान देगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें