सालाना 5 लाख रुपये की सैलरी से 5 साल में पहुंच गया 1.5 करोड़ के पैकेज पर! गूगल इंजीनियर ने शेयर किए अपने 4 सीक्रेट्स

करियर की शुरुआत में कम सैलरी मिलना कई युवाओं को निराश कर देता है, लेकिन कुछ लोग इसी दौर को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लेते हैं। हाल ही में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसने महज 5 साल में 5 लाख रुपये सालाना पैकेज से 1.5 करोड़ रुपये तक का सफर तय कर लिया। उसकी सफलता के पीछे की रणनीति अब लोगों को प्रेरित कर रही है

अपडेटेड Jun 06, 2026 पर 2:13 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
इस पोस्ट पर साथी रेडिट यूजर्स की ओर से सैकड़ों प्रतिक्रियाएं आईं

टेक सेक्टर में तेजी से करियर ग्रोथ और बड़ा पैकेज पाने की चाहत हर प्रोफेशनल की होती है। पर सही स्ट्रैटिजी या गाइडेंस के अभाव में ये चाहत सबकी पूरी हो नहीं पाती। ऐसे में एक शख्स का ऐसा मामला सामने आया है जो करियर ग्रोथ की चाहत रखने वालों के लिए काफी प्रेरणा देने वाला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर एक यूजर की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में यूजर ने शेयर किया है कि कैसे उसने महज 5 साल के भीतर एक स्टार्टअप की 5 लाख रुपये की सालाना सैलरी से गूगल में करीब 1.5 करोड़ रुपये के सालाना पैकेज तक का सफर तय किया। फिलहाल गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम कर रहे इस यूजर ने अपनी इस अविश्वसनीय सफलता के पीछे के टॉप सीक्रेट्स और अपने करियर के सफर पर विस्तार से बात की है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट मनी कंट्रोल अंग्रेजी की रिपोर्ट के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2020 में एक छोटे से स्टार्टअप से महज 5 लाख रुपये की सालाना सैलरी पर की थी। जहां कई अन्य ग्रेजुएट्स बड़ी और फेमस कंपनियों में पोजीशन हासिल कर रहे थे, वहीं इसने एक नई कंपनी को चुना। वहां इन्हें कोडिंग और डिबगिंग से लेकर सीधे क्लाइंट्स के साथ बातचीत करने तक कई तरह की जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं। इंजीनियर ने लिखा कि स्टार्टअप में पैसे ज्यादा नहीं मिलते थे, लेकिन उसने मुझे एक साल में इतना कुछ सिखा दिया जितना मैं कहीं और नहीं सीख सकता था। मैं हर रोज रियल प्रॉब्लम्स का हल कर रहा था।

गूगल इंजीनियर ने शेयर किए सफलता के 4 सीक्रेट्स


रेडिट यूजर ने अपनी पोस्ट में उन खास रणनीतियों और आदतों का जिक्र किया है जिन्होंने उसे 1.5 करोड़ के मुकाम तक पहुंचाया-

1. फुल-टाइम जॉब के साथ लगातार पढ़ाई

इंजीनियर ने बताया कि वह फुल-टाइम जॉब करने के साथ-साथ अपनी शाम का समय डेटा स्ट्रक्चर्स, एल्गोरिदम और सिस्टम डिजाइन की स्टडी में बिताता था। इसके अलावा उन्होंने अपनी स्किल्स को और धार देने के लिए पर्सनल प्रोजेक्ट्स बनाए और नियमित रूप से कोडिंग के चैलेंजेस में पार्टिसिफेट किया।

2. सैलरी के बजाय मार्केट वैल्यू पर फोकस

स्टार्टअप में अनुभव हासिल करने के बाद, उन्होंने एक प्रोडक्ट बेस्ड कंपनी में स्विच किया। इस स्विच में उनकी सैलरी अच्छी खासी बढ़ गई। इसके बाद के कुछ सालों में उन्होंने स्ट्रैटिजी के साथ नौकरियां बदलीं। इस दौरान उनका फोकस हाई सैलरी की बजाय उन रोल्स पर था जो उन्हें शानदार टेक्निकल एक्सपोजर दे रहे थे। यूजर ने लिखा है कि मैंने यह पूछना बंद कर दिया कि क्या कोई नौकरी मेरी सैलरी बढ़ाएगी। मैंने यह पूछना शुरू किया कि क्या यह तीन साल बाद मार्केट में मेरी वैल्यू बढ़ाएगी।

3. रिजेक्शन से न हारना, बल्कि उनसे सीखना

इस सफर के दौरान इंजीनियर को इंटरव्यू में कई बार रिजेक्शन का सामना भी करना पड़ा। हर असफल प्रयास ने उन्हें अपनी कमजोरियों को पहचानने और तैयारी को बेहतर बनाने में मदद की। उन्होंने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि ऐसे वीकेंड्स भी थे जब उन्होंने कोडिंग की समस्याओं को हल करने में दस-दस घंटे बिताए। यह थका देने वाला था, लेकिन हर इंटरव्यू ने मुझे कुछ न कुछ नया सिखाया।

4. लगातार किए गए एफर्ट पैसों की तरह कंपाउंड होते हैं

इंजीनियर ने आखिरकार गूगल में अवसर मिलने के बाद कोडिंग और तकनीकी इंटरव्यू के कई राउंड्स को क्लियर किया और इस दिग्गज टेक कंपनी में अपनी जगह पक्की की। आज उनका कुल सालाना पैकेज करीब 1.5 करोड़ रुपये है। इसमें बेस सैलरी, परफॉर्मेंस बोनस और स्टॉक अवॉर्ड्स (स्टॉक्स) शामिल हैं। अपनी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने लिखा कि, 'पांच साल पहले, मैं 5 लाख रुपये कमा रहा था और सोच रहा था कि क्या मैं पीछे छूट रहा हूं। आज मुझे एहसास हुआ कि लगातार किया गया प्रयास भी पैसों की तरह ही कंपाउंड होता है। हर दिन किए गए छोटे-छोटे सुधार आपके करियर को पूरी तरह बदल सकते हैं।'

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

इस पोस्ट पर साथी रेडिट यूजर्स की ओर से सैकड़ों प्रतिक्रियाएं आईं और लोगों ने इंजीनियर के समर्पण और अनुशासन की जमकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि यही वजह है कि लोगों को सैलरी की तुलना करने के बजाय स्किल्स पर ध्यान देना चाहिए। पांच साल का लगातार प्रयास आपकी जिंदगी को पूरी तरह बदल सकता है। दूसरे यूजर ने लिखा- सबसे प्रभावशाली हिस्सा 1.5 करोड़ का पैकेज नहीं है, बल्कि यह बात है कि वह रिजेक्शंस और असफलताओं के बावजूद लगातार आगे बढ़ता रहा। तीसरे यूजर का कहना था- इस तरह की कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि करियर की ग्रोथ हमेशा इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने शुरुआत कहां से की बल्कि इस पर निर्भर करती है कि शुरुआत करने के बाद आप क्या करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी एक अनाम रेडिट यूजर द्वारा साझा किए गए दावों पर आधारित है। मनीकंट्रोल (Moneycontrol) स्वतंत्र रूप से यूजर की पहचान, रोजगार के विवरण, सैलरी के आंकड़ों या करियर की टाइमलाइन की पुष्टि नहीं करता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।