Solar Eclipse 2026: 17 फरवरी को होगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें दुनिया के किन देशों में आएगा नजर?

Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जिसे देखना रोमांचित करता है। साल 2026 में भी यह दुर्लभ नजारा दो बार देखने को मिलेगा, यानी दो सूर्य ग्रहण होंगे। इनमें से पहला सूर्य ग्रहण तो 17 फरवरी को ही होगा। आइए जानें इसे कहां देखा जा सकेगा और भारत में नजर आएगा या नहीं

अपडेटेड Jan 14, 2026 पर 8:18 PM
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इस तरह का ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर रहते हुए सूर्य के सामने से गुजरता है।

Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जिसे सभी धरतीवासी नहीं देख पाते हैं। यह रोमांच पैदा करने वाला नजारा बहुत कम देखने को मिल पाता है। साल 2026 में भी दो बार ग्रहण देखने का अवसर मिलेगा। इसमें से पहला मौका तो कुछ दिनों में आने ही वाला है। इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को होगा। यह एक खूबसूरत वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे दुनिया के कुछ हिस्सों में ही देखा जा सकेगा। ग्रहण के दौरान, चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, जिससे सूर्य की रोशनी हम तक पहुंचने का तरीका बदल जाता है।

क्या होता है वलयाकार सूर्य ग्रहण?

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के अनुसार, इस तरह का ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर रहते हुए सूर्य के सामने से गुजरता है। इस दूरी के कारण, चंद्रमा छोटा दिखता है और सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाता। इससे चंद्रमा के चारों ओर सूर्य की रोशनी का एक चमकता हुआ छल्ला बनता है, जिसे अक्सर "आग का छल्ला" या ‘’रिंग ऑफ फायर’’ कहा जाता है।

सूरज को 96% ढक लेगा चांद

इस ग्रहण के दौरान सूर्य का लगभग 96% हिस्सा चंद्रमा से ढक जाएगा। चंद्रमा के चारों ओर चमकदार छल्ला लगभग दो मिनट और बीस सेकंड तक दिखाई देगा। यह दिन चीनी चंद्र नव वर्ष से भी मेल खाता है, जो इसे कई संस्कृतियों के लिए और भी खास बनाता है।

सूर्य ग्रहण का समय


ग्रहण का आंशिक चरण सुबह 9:56 बजे यूटीसी, जो भारतीय समयानुसार दोपहर 3:26 बजे है, शुरू होगा। वलयाकार चरण सुबह 11:42 बजे यूटीसी, या भारतीय समयानुसार शाम 5:12 बजे शुरू होगा। इसका सबसे शानदार नजारा दोपहर 12:12 बजे यूटीसी, या भारतीय समयानुसार शाम 5:42 बजे दिखाई देगा, जब "रिंग ऑफ फायर" साफ दिखाई देगा। लगभग दो मिनट और बीस सेकंड के बाद, वलयाकार चरण समाप्त हो जाएगा। पूरा ग्रहण दोपहर 2:27 बजे यूटीसी, या शाम 7:57 बजे IST पर खत्म होगा।

यहां देखा जा सकेगा ग्रहण

यह वलयाकार सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों से दिखाई देगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे अंटार्कटिका, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, चिली, नामीबिया, बोत्सवाना, मेडागास्कर, मॉरीशस, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। वहीं, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक, प्रशांत और हिंद महासागर जैसे आसपास के महासागरों के क्षेत्रों में आंशिक ग्रहण भी दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

सूर्य ग्रहण के दौरान, आंखों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। सूरज को देखने के लिए हमेशा सर्टिफाइड सोलर एक्लिप्स चश्मे का इस्तेमाल करें, क्योंकि सामान्य धूप के चश्मे सुरक्षित नहीं होते हैं। ग्रहण को सीधे या बिना सही फिल्टर के कैमरे, दूरबीन या टेलीस्कोप से कभी न देखें। बच्चों पर हर समय नजर रखनी चाहिए। अगर ग्रहण के चश्मे उपलब्ध नहीं हैं, तो इसे सुरक्षित रूप से देखने के लिए पिनहोल प्रोजेक्टर का इस्तेमाल करें।

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