सूरत के 73 वर्षीय श्यामभाई कापूर्जी गहलोत और उनकी 68 वर्षीय पत्नी मधुबेन ने जिला प्रशासन से इच्छा-मृत्यु की अनुमति की मांग की है। दंपती का कहना है कि वर्षों से चल रहे संपत्ति विवाद और कथित प्रशासनिक उत्पीड़न ने उन्हें पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, लगातार कानूनी लड़ाई, दुकानों की बार-बार सीलिंग और आर्थिक नुकसान ने उनकी जिंदगी को बेहद कठिन बना दिया है। पहले परिवार में हुए दर्दनाक सड़क हादसे और अपनों की मौत ने पहले ही उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया था, और अब मौजूदा हालात ने उनकी हिम्मत पूरी तरह खत्म कर दी है।
