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बेटा, बहू, बेटी, दामाद और ग्रैंड चिल्ड्रेन एक साथ 9 को खोने वाला ये बुजुर्ग जोड़ा मांग रहा अपनी मौत! श्यामभाई और मधुबेन की कहानी दर्दनाक

सूरत के बुजुर्ग दंपती ने प्रशासन से इच्छा-मृत्यु की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि लंबे संपत्ति विवाद, दुकानें सील होने और लगातार कानूनी लड़ाई ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव से परेशान दंपती अब जीवन से निराश होकर अंतिम राहत की मांग कर रहे हैं

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jun 23, 2026 पर 3:13 PM
बेटा, बहू, बेटी, दामाद और ग्रैंड चिल्ड्रेन एक साथ 9 को खोने वाला ये बुजुर्ग जोड़ा मांग रहा अपनी मौत! श्यामभाई और मधुबेन की कहानी दर्दनाक
इस दर्द को और गहरा करने वाली घटना 2016 में हुई

सूरत के 73 वर्षीय श्यामभाई कापूर्जी गहलोत और उनकी 68 वर्षीय पत्नी मधुबेन ने जिला प्रशासन से इच्छा-मृत्यु की अनुमति की मांग की है। दंपती का कहना है कि वर्षों से चल रहे संपत्ति विवाद और कथित प्रशासनिक उत्पीड़न ने उन्हें पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, लगातार कानूनी लड़ाई, दुकानों की बार-बार सीलिंग और आर्थिक नुकसान ने उनकी जिंदगी को बेहद कठिन बना दिया है। पहले परिवार में हुए दर्दनाक सड़क हादसे और अपनों की मौत ने पहले ही उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया था, और अब मौजूदा हालात ने उनकी हिम्मत पूरी तरह खत्म कर दी है।

दंपती का आरोप है कि उन्हें न्याय की उम्मीद अब नजर नहीं आती, और वे मानसिक व भावनात्मक रूप से पूरी तरह थक चुके हैं। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से अंतिम राहत के रूप में इच्छा-मृत्यु की अनुमति की मांग की है।

11 दुकानों का विवाद बना जीने की वजह

दंपती का कहना है कि उन्होंने 2006 में 11 छोटी व्यावसायिक दुकानें खरीदी थीं। 2008 में यह इलाका सूरत नगर निगम (SMC) के तहत आ गया, जिसके बाद वे लगातार इन संपत्तियों पर टैक्स भी भरते रहे। लेकिन 2021 में बिना किसी पूर्व नोटिस के उनकी दुकानें सील कर दी गईं।

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