कभी-कभी किसी अनजान इंसान की छोटी-सी कोशिश किसी के मुश्किल पल को आसान बना देती है। ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला नजारा एक पैसेंजर ट्रेन में देखने को मिला, जहां एक चाय बेचने वाले ने अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारी से आगे बढ़कर एक रोते हुए बच्चे को हंसाने की कोशिश की। उसकी इस मासूम पहल ने न सिर्फ बच्चे के चेहरे पर मुस्कान ला दी, बल्कि उसकी परेशान मां को भी कुछ पल की राहत मिली।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में चाय विक्रेता राजा बाबू ट्रेन के भीतर एक बच्चे को हंसाने के लिए डांस करते नजर आ रहे हैं। बताया गया कि वे पटना के रहने वाले हैं। वीडियो को यात्री नीरज चौरसिया ने अपने फोन में रिकॉर्ड किया और बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया।
इलाज के बाद सफर कर रही थी मां
बताया गया कि बच्चे का इलाज गोरखपुर में हुआ था और उसके बाद उसकी मां उसे लेकर ट्रेन से सफर कर रही थी। सफर की थकान और बच्चे की परेशानी ने मां को काफी परेशान कर दिया था। वह बच्चे को शांत कराने की लगातार कोशिश कर रही थी, लेकिन बच्चा रोए जा रहा था। इसी दौरान राजा बाबू की नजर मां और बच्चे पर पड़ी। उन्होंने पहले महिला को चाय दी और फिर बच्चे का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करने लगे। जब बच्चे का रोना कम नहीं हुआ, तो उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसकी शायद किसी ने उम्मीद नहीं की थी।
ट्रेन के गलियारे में शुरू कर दिया डांस
राजा बाबू ने बच्चे को खुश करने के लिए ट्रेन के गलियारे में ही मजेदार अंदाज में डांस करना शुरू कर दिया। उनके हाव-भाव और चंचल अंदाज ने आखिरकार बच्चे का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कुछ ही देर में रोता हुआ बच्चा चुप होकर उन्हें गौर से देखने लगा और उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान भी दिखाई देने लगी।
बच्चे को मुस्कुराता देख उसकी मां के चेहरे पर भी राहत नजर आई। आसपास बैठे यात्रियों के लिए भी यह पल खास बन गया। कई यात्री इस अनोखी कोशिश को देखकर मुस्कुराए और तालियां बजाकर चाय विक्रेता का हौसला बढ़ाया।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने राजा बाबू की इस पहल की खूब सराहना की। लोगों ने कहा कि किसी परेशान इंसान की मदद करने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी किसी को कुछ पल की खुशी देना भी बहुत बड़ी बात होती है। एक यूजर ने लिखा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने में कुछ खर्च नहीं होता। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने बच्चे के चेहरे की मुस्कान को बेहद खास बताया। कुछ लोगों ने राजा बाबू को याद करते हुए कहा कि असली अच्छाई अक्सर ऐसे ही छोटे और बिना किसी उम्मीद के किए गए कामों में दिखाई देती है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।