Indian Railways: चलती ट्रेन में पूजा का VIDEO वायरल, 3 लाख रुपये वाले प्राइवेट कोच की सामने आई कहानी

Train Viral Video: भारतीय ट्रेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कोच के अंदर धार्मिक कार्यक्रम होता दिख रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने रेलवे से सवाल पूछे। हालांकि रेलवे ने बाद में स्पष्ट किया कि यह सामान्य कोच नहीं, बल्कि निजी तौर पर बुक किया गया सलून कोच था

अपडेटेड Jul 13, 2026 पर 11:40 AM
Train Viral Video: चलती ट्रेन में पूजा का VIDEO देख लोगों ने पूछे सवाल

भारतीय रेलवे से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। वीडियो में ट्रेन के अंदर कुछ लोग धार्मिक कार्यक्रम करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसे देखकर कई लोगों ने सवाल उठाए। चलती ट्रेन में इस तरह का आयोजन देखकर सोशल मीडिया यूजर्स ने रेलवे से इसकी अनुमति और नियमों को लेकर जानकारी मांगी। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। हालांकि बाद में रेलवे ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए बताया कि यह कोई सामान्य यात्री कोच नहीं था, बल्कि निजी तौर पर बुक किया गया विशेष सलून कोच था। रेलवे की जानकारी के बाद इस वायरल वीडियो की असल कहानी सामने आई और कई सवालों के जवाब भी मिले।

फ्लोर पर बैठे पुजारी, सफेद कपड़ों में दिखे श्रद्धालु

वायरल क्लिप में एक पुजारी ट्रेन कोच के अंदर बैठकर पूजा करते दिखाई दे रहे हैं। आसपास कई लोग मौजूद हैं, जिनमें से ज्यादातर सफेद कपड़े पहने हुए हैं। सभी लोग धार्मिक रस्मों में शामिल होते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने रेलवे से इस बारे में जानकारी मांगी।


रेलवे ने खोला राज

मामला बढ़ने के बाद उत्तर रेलवे ने सफाई दी कि यह पूजा किसी सामान्य यात्री कोच में नहीं, बल्कि एक निजी तौर पर बुक किए गए सलून कोच में हुई थी।

रेलवे के अनुसार, इस विशेष कोच को IRCTC के जरिए एक निजी पार्टी ने कमर्शियल बुकिंग के तहत लिया था। इसलिए इसमें होने वाली गतिविधियां सामान्य ट्रेन कोच के नियमों से अलग थीं।

क्या होता है सलून कोच?

रेलवे का सलून कोच एक खास तरह का प्राइवेट और लग्जरी कोच होता है। इसमें एयर कंडीशन कमरे, बेडरूम, किचन, डाइनिंग एरिया और अन्य सुविधाएं मौजूद होती हैं। आमतौर पर इसका इस्तेमाल रेलवे अधिकारियों और विशेष यात्राओं के लिए किया जाता है।

3 लाख रुपये से ज्यादा में हुई थी बुकिंग

उत्तर रेलवे के मुताबिक, इस सलून कोच की बुकिंग 8 जुलाई को IRCTC के माध्यम से की गई थी। निजी पार्टी ने इसके लिए 3,08,580 रुपये से ज्यादा की एडवांस राशि जमा की थी।

यह कोच 10 जुलाई को ट्रेन नंबर 12926 पश्चिम एक्सप्रेस के साथ नई दिल्ली से मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) तक की यात्रा के लिए जोड़ा गया था।

सोशल मीडिया पर उठे सवालों का रेलवे ने दिया जवाब

वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने रेल मंत्री और रेलवे से सवाल किया कि ट्रेन में इस तरह के आयोजन की अनुमति कैसे मिली। इसके जवाब में रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा निजी बुकिंग के तहत थी और नियमों के अनुसार की गई थी।

रेलवे ने सुरक्षा को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेन संचालन की समयबद्धता और सुविधा उनकी पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी स्थिति में सुरक्षा और यात्री सुविधाओं से समझौता नहीं किया जाएगा।

क्या ट्रेन में धार्मिक कार्यक्रम की अनुमति है?

रेलवे के अनुसार, सामान्य यात्री कोच में इस तरह की गतिविधियां अनुमति के दायरे में नहीं आतीं। हालांकि निजी तौर पर बुक किए गए सलून कोच या कुछ विशेष पर्यटन ट्रेनों में नियमों के तहत ऐसे आयोजन किए जा सकते हैं।

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