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दुनिया में कौन था पहला ट्रांसजेंडर! प्राचीन कब्र से मिला चौंकाने वाला सुराग

आज ट्रांसजेंडर पहचान को लेकर दुनिया भर में चर्चा हो रही है, लेकिन क्या यह सच में नई बात है? इतिहास और पुरातत्व से जुड़ी कुछ खोजें बताती हैं कि हजारों साल पहले भी ऐसे लोग मौजूद थे, जो पारंपरिक स्त्री-पुरुष भूमिकाओं से अलग पहचान रखते थे। यही वजह है कि यह विषय एक बार फिर चर्चा में है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jun 16, 2026 पर 2:33 PM
दुनिया में कौन था पहला ट्रांसजेंडर! प्राचीन कब्र से मिला चौंकाने वाला सुराग
शोधकर्ताओं को एक ऐसा कंकाल मिला जिसे जैविक रूप से महिला माना गया

आज ट्रांसजेंडर पहचान को लेकर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। कई लोग इसे आधुनिक दौर की सोच मानते हैं, लेकिन इतिहास से जुड़े कुछ शोध बताते हैं कि ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि हजारों साल पहले भी ऐसे लोग मौजूद थे, जो पारंपरिक स्त्री और पुरुष भूमिकाओं से अलग पहचान रखते थे। प्राचीन सभ्यताओं से मिले कुछ सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि लिंग पहचान की विविधता कोई नई बात नहीं, बल्कि इंसानी समाज का पुराना हिस्सा रही है। यही वजह है कि इतिहास की नई खोजें अब लोगों की सोच और समझ को बदलने का काम कर रही हैं।

समय के साथ बदलती रही लिंग की परिभाषा

आज "ट्रांसजेंडर" शब्द का एक खास अर्थ है, लेकिन प्राचीन समाजों में लिंग को समझने का तरीका अलग था। उस समय लोगों के पास हार्मोन, डीएनए या आधुनिक विज्ञान की जानकारी नहीं थी। इसलिए किसी व्यक्ति की पहचान को समाज, काम, पहनावे और सामाजिक भूमिकाओं के आधार पर देखा जाता था।

प्राचीन सभ्यताओं में भी थे अलग पहचान वाले लोग

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