आज ट्रांसजेंडर पहचान को लेकर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। कई लोग इसे आधुनिक दौर की सोच मानते हैं, लेकिन इतिहास से जुड़े कुछ शोध बताते हैं कि ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि हजारों साल पहले भी ऐसे लोग मौजूद थे, जो पारंपरिक स्त्री और पुरुष भूमिकाओं से अलग पहचान रखते थे। प्राचीन सभ्यताओं से मिले कुछ सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि लिंग पहचान की विविधता कोई नई बात नहीं, बल्कि इंसानी समाज का पुराना हिस्सा रही है। यही वजह है कि इतिहास की नई खोजें अब लोगों की सोच और समझ को बदलने का काम कर रही हैं।
